Monday, August 24, 2026
SGSU Advertisement
Home Student & Youth विश्व युवा कौशल दिवस पर एसजीएसयू एवं आईसेक्ट इंडिया ने मनाया ‘कौशल...

विश्व युवा कौशल दिवस पर एसजीएसयू एवं आईसेक्ट इंडिया ने मनाया ‘कौशल चर्चा 2026’ का सातवां संस्करण

0
14

भोपाल : 16 जुलाई/ विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी (एसजीएसयू) एवं आईसेक्ट इंडिया द्वारा आयोजित ‘कौशल चर्चा 2026’ के सातवें संस्करण का मुख्य आयोजन मंगलवार को उत्साहपूर्वक सम्पन्न हुआ। 13 से 16 जुलाई तक आयोजित किए जा रहे इस कौशल महोत्सव में विद्यार्थियों, उद्योग विशेषज्ञों, स्किल चैंपियंस, प्रशिक्षकों एवं शिक्षाविदों ने भविष्य के कौशल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नवाचार और रोजगारोन्मुखी शिक्षा पर व्यापक विचार-विमर्श कर रहे हैं।

कार्यक्रम का आयोजन इस वर्ष की विश्व युवा कौशल दिवस की थीम “Skills for a Shared Future” के अनुरूप किया गया। उद्घाटन सत्र में स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी, कुलगुरु डॉ. विजय सिंह एवं कुलसचिव डॉ. सितेश कुमार सिन्हा उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पूर्व भारतीय क्रिकेटर एवं आईआईएसएम के संस्थापक निदेशक नीलेश कुलकर्णी, रोरिंग माइंड्स के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतीश आर. नायर तथा ऑल्टेरा कलेक्टिव के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्याम छाबरिया ने विशेष वक्ता के रूप में विद्यार्थियों को संबोधित किया।

अपने स्वागत उद्बोधन में डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कहा कि आज केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं को कौशल, उद्योग अनुभव, वैश्विक प्रमाणन और निरंतर सीखने की संस्कृति अपनानी होगी। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल टेक्नोलॉजी और उभरते उद्योगों के दौर में स्किल सर्टिफिकेशन, मजबूत रिज्यूमे और व्यावहारिक अनुभव युवाओं की सबसे बड़ी पूंजी बनेंगे। उन्होंने एसजीएसयू द्वारा उद्योग-समेकित शिक्षा, एआई आधारित शिक्षण, वैश्विक प्रमाणन और रोजगारोन्मुखी कौशल विकास की विभिन्न पहलों की भी जानकारी दी। पूर्व भारतीय क्रिकेटर नीलेश कुलकर्णी ने खेल क्षेत्र में उभरते करियर अवसरों और स्पोर्ट्स मैनेजमेंट, स्पोर्ट्स साइंस एवं खेल कौशल के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं प्रतीश आर. नायर ने युवाओं से निर्भीक होकर नए अवसरों को अपनाने, प्रभावी नेटवर्किंग विकसित करने और स्वयं को लगातार बेहतर बनाने का आह्वान किया।

दूसरे सत्र में आईसेक्ट इंडिया के महाप्रबंधक अभिषेक गुप्ता ने विश्व युवा कौशल दिवस की प्रासंगिकता और बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में कौशल विकास की भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण वर्ल्ड स्किल्स चैंपियंस के प्रेरणादायी अनुभव रहे। वर्ल्ड स्किल्स 2022 की ब्रॉन्ज मेडल विजेता अनुश्री श्रीनिवासन ने क्षेत्रीय प्रतियोगिता से लेकर विश्व मंच तक की अपनी प्रेरक यात्रा साझा करते हुए विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और निरंतर अभ्यास करने के लिए प्रेरित किया। वहीं वर्ल्ड स्किल्स लियोन 2024 में साइबर सिक्योरिटी श्रेणी में मेडेलियन फॉर एक्सीलेंस प्राप्त संस्कार शर्मा, जिनकी कौशल यात्रा एसजीएसयू से शुरू हुई थी, ने बताया कि सही मार्गदर्शन, समर्पण और निरंतर अभ्यास से वैश्विक स्तर पर सफलता प्राप्त की जा सकती है। मुख्य अतिथि अभय अरुण महिषी, क्षेत्रीय निदेशक, क्षेत्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता निदेशालय (आरडीएसडीई), मध्यप्रदेश, ने कहा कि भारत तेजी से कौशल आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित नई तकनीकों ने युवाओं के लिए अनेक नए अवसर सृजित किए हैं। उन्होंने युवाओं से निरंतर अपस्किलिंग और रीस्किलिंग पर ध्यान देने का आह्वान किया। इस अवसर पर 70 से अधिक विद्यार्थियों, स्किल अचीवर्स, श्रेष्ठ प्रशिक्षकों, श्रेष्ठ मोबिलाइजर्स एवं श्रेष्ठ काउंसलर्स को सम्मानित किया गया। साथ ही “कौशल मंत्र” न्यूज़लेटर का भी लोकार्पण किया गया।

इससे पूर्व 13 एवं 14 जुलाई को आयोजित कौशल प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने एआई फिल्म मेकिंग, प्रॉम्प्ट राइटिंग, रोबोटिक्स, हाउस वायरिंग, साइबर सेफ क्लिक, हाइड्रोजन फ्यूल, सस्टेनेबिलिटी एवं इनोवेशन, लैंडस्केपिंग, क्विज, क्राफ्ट चैलेंज, सलाद डेकोरेशन सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा और तकनीकी दक्षता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

जेंडर इंक्लूसिव वर्कप्लेसेस पर हुआ मंथन

‘कौशल चर्चा 2026’ का समापन 16 जुलाई को “एडवांसिंग जेंडर इंक्लूसिव वर्कप्लेसेस” विषय पर आयोजित इंडस्ट्री राउंडटेबल चर्चा के साथ हुआ। भारतीय उद्योग परिसंघ (CII), आईपीई ग्लोबल और यंग इंडियन्स (Yi) के सहयोग से आयोजित इस विशेष सत्र में 20 से अधिक प्रतिष्ठित उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लिया।

चर्चा के दौरान विशेषज्ञों ने विकसित भारत के निर्माण के लिए उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच मजबूत साझेदारी पर बल देते हुए कहा कि जेंडर इंक्लूसिव स्किल इकोसिस्टम विकसित करना समय की आवश्यकता है। वक्ताओं ने विशेष रूप से STEM (Science, Technology, Engineering & Mathematics) शिक्षा में अधिक से अधिक बालिकाओं और महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

विशेषज्ञों ने कहा कि कार्यस्थलों को अधिक सुरक्षित, समावेशी और समान अवसर वाला बनाने के लिए POSH जैसी नीतियों के साथ-साथ अन्य प्रभावी संस्थागत नीतियों को भी व्यापक रूप से लागू करने की आवश्यकता है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के रोजगार में आने वाली सुरक्षा संबंधी चुनौतियों और सामाजिक बाधाओं को दूर करने पर भी बल दिया।

चर्चा में यह भी कहा गया कि मैन्युफैक्चरिंग, टेक्सटाइल और अन्य तकनीकी क्षेत्रों, जहां पहले महिलाओं की भागीदारी सीमित थी, वहां अब उनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। इस सकारात्मक परिवर्तन को और गति देने के लिए उद्योगों, शिक्षण संस्थानों और नीति निर्माताओं को मिलकर कार्य करना होगा।

इस इंडस्ट्री राउंडटेबल में एफएसजी, वर्धमान ग्रुप, आईसर, नेटलिंक, मैग्नम ग्रुप, पारले ग्रुप सहित अनेक प्रतिष्ठित कंपनियों के वरिष्ठ उद्योग विशेषज्ञों ने सहभागिता करते हुए समावेशी कार्यस्थलों और भविष्य की कौशल आवश्यकताओं पर अपने विचार साझा किए।