भारत रत्न : राजनीतिक दलों की सीमा से ऊपर उठकर पीएम मोदी ने योग्यता और भारत के सभी हिस्सों का किया सम्मान

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नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के दो पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह एवं पीवी नरसिम्हा राव और भारतीय कृषि के क्षेत्र में अहम योगदान देने वाले एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इन तीनों महान हस्तियों को भारत रत्न सम्मान दिए जाने की घोषणा की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित किए गए इन भारत रत्न सम्मान की सबसे बड़ी खूबी यह है कि प्रधानमंत्री ने राजनीतिक दलों की सीमा से ऊपर उठकर योग्यता का सम्मान किया और साथ ही देश के हर हिस्से के साथ न्याय भी किया। किसानों को सबसे आगे रखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने आज जिन महान हस्तियों को भारत रत्न देने की घोषणा की है उसमें से दो – चौधरी चरण सिंह और डॉ. एमएस स्वामीनाथन ने खेती-किसानी एवं कृषि के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और इनका सम्मान कृषि क्षेत्र के प्रति मोदी सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाता है।

भारत रत्न पुरस्कार विजेताओं में से दो -पीवी नरसिम्हा राव और चौधरी चरण सिंह, गैर-भाजपा पृष्ठभूमि से आते हैं, और इन दोनों नेताओं को भारत रत्न का सम्मान देना यह दिखाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजनीतिक दलों की सीमा से ऊपर उठकर सिर्फ और सिर्फ योग्यता का सम्मान करना जानते हैं और स्टेट्समैन की तरह काम करते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी घोषणा में दक्षिण भारत का भी ध्यान रखा। आज जिन तीन महान हस्तियों को भारत रत्न देने की घोषणा की गई है उसमें से दो- पीवी नरसिम्हा राव और डॉ. एमएस स्वामीनाथन, दक्षिण भारत से हैं, जो यह दर्शाता है कि प्रधानमंत्री देश के सभी कोनों से आए योगदान और विशेषज्ञता को महत्व देते हैं।

आपको बता दें कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री और किसानों के चहेते नेता माने जाने वाले स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देने की घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को एक्स पर पोस्ट कर कहा, “हमारी सरकार का यह सौभाग्य है कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी को भारत रत्न से सम्मानित किया जा रहा है। यह सम्मान देश के लिए उनके अतुलनीय योगदान को समर्पित है। उन्होंने किसानों के अधिकार और उनके कल्याण के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हों या देश के गृहमंत्री और यहां तक कि एक विधायक के रूप में भी, उन्होंने हमेशा राष्ट्र निर्माण को गति प्रदान की। वे आपातकाल के विरोध में भी डटकर खड़े रहे। हमारे किसान भाई-बहनों के लिए उनका समर्पण भाव और इमरजेंसी के दौरान लोकतंत्र के लिए उनकी प्रतिबद्धता पूरे देश को प्रेरित करने वाली है।”

देश में आर्थिक सुधारों की शुरुआत करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय पीवी नरसिम्हा राव को भारत रत्न देने की घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा , “यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमारे पूर्व प्रधानमंत्री श्री पीवी नरसिम्हा राव गारु को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा। एक प्रतिष्ठित विद्वान और राजनेता के रूप में, नरसिम्हा राव गारू ने विभिन्न क्षमताओं में भारत की बड़े पैमाने पर सेवा की। उन्हें आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और कई वर्षों तक संसद और विधानसभा सदस्य के रूप में किए गए कार्यों के लिए समान रूप से याद किया जाता है। उनका दूरदर्शी नेतृत्व भारत को आर्थिक रूप से उन्नत बनाने, देश की समृद्धि और विकास के लिए एक ठोस नींव रखने में सहायक था। प्रधानमंत्री के रूप में नरसिम्हा राव गारू ने भारत को वैश्विक बाजारों के लिए खोल दिया, जिससे आर्थिक विकास के एक नए युग को बढ़ावा मिला। इसके अलावा, भारत की विदेश नीति, भाषा और शिक्षा क्षेत्रों में उनका योगदान एक ऐसे नेता के रूप में उनकी बहुमुखी विरासत को रेखांकित करता है, जिन्होंने न केवल महत्वपूर्ण परिवर्तनों के माध्यम से भारत को आगे बढ़ाया बल्कि इसकी सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को भी समृद्ध किया।”

भारतीय कृषि के क्षेत्र में अहम योगदान देने वाले एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न देने की घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “यह बेहद खुशी की बात है कि भारत सरकार कृषि और किसानों के कल्याण में हमारे देश में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. एमएस स्वामीनाथन जी को भारत रत्न से सम्मानित कर रही है। उन्होंने चुनौतीपूर्ण समय के दौरान भारत को कृषि में आत्मनिर्भरता हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और भारतीय कृषि को आधुनिक बनाने की दिशा में उत्कृष्ट प्रयास किए। हम एक अन्वेषक और संरक्षक के रूप में और कई छात्रों के बीच सीखने और अनुसंधान को प्रोत्साहित करने वाले उनके अमूल्य काम को भी पहचानते हैं। डॉ. स्वामीनाथन के दूरदर्शी नेतृत्व ने न केवल भारतीय कृषि को बदल दिया है बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा और समृद्धि भी सुनिश्चित की है। वह ऐसे व्यक्ति थे जिन्हें मैं करीब से जानता था और मैं हमेशा उनकी अंतर्दृष्टि और इनपुट को महत्व देता था।”