SGSU Advertisement
Home मनोरंजन ‘120 बहादुर’ के प्रोड्यूसर होते हुए भी फरहान अख्तर ने नहीं किया...

‘120 बहादुर’ के प्रोड्यूसर होते हुए भी फरहान अख्तर ने नहीं किया किसी भी फैसले में हस्तक्षेप : विवान भटेना

0
38

मुंबई, 23 नवंबर (आईएएनएस)। 1962 के रेजांग ला युद्ध पर आधारित फरहान अख्तर की बहुचर्चित फिल्म ‘120 बहादुर’ 21 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। फिल्म में फरहान अख्तर ने जहां अभिनय किया और मेजर शैतान सिंह भाटी का किरदार निभाया, वहीं दूसरी ओर उन्होंने सह-निर्माता के तौर पर भी जिम्मेदारी संभाली।

उनकी इन जिम्मेदारियों को लेकर फिल्म में अहम भूमिका में नजर आए अभिनेता विवान भटेना ने आईएएनएस से बात की और बताया कि वह कभी भी सेट पर निर्माता के तौर पर पेश नहीं आए।

उन्होंने पूरे समय अपने आप को एक अभिनेता की तरह किरदार में खुद को डुबोए रखा।

विवान भटेना ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि फरहान ने अपने किरदार में मजबूती लाने के लिए निर्माता वाली जिम्मेदारियों को पूरी तरह से पीछे रखा। वह अपनी प्राथमिकता में अभिनय को सबसे आगे रखते थे। वह अन्य चीजों में हस्तक्षेप नहीं करते थे।

विवान ने कहा, ”टीम को लग रहा था कि कहीं न कहीं फरहान का निर्माता पक्ष दिखाई देगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। उन्होंने कभी सेट पर किसी निर्णय में दखल नहीं दिया और न ही फालतू सुझाव दिए। सिर्फ अपने किरदार पर ध्यान दिया और अपने हिस्से का काम पूरा किया।”

विवान ने कहा, ”फरहान ने हमेशा सही मार्गदर्शन दिया। उन्होंने यह नहीं कहा कि किसी सीन में क्या करना है, बल्कि यह बताया कि इसे महसूस कैसे किया जाए। यह तरीका अन्य कलाकारों के लिए बहुत मददगार साबित हुआ। फरहान की यही क्षमता उन्हें सेट पर खास बनाती है, क्योंकि एक बड़ा नाम होने के बावजूद उन्होंने टीम के काम में बाधा नहीं डाली और फिल्म के लिए हमेशा सहयोगी बने रहे।”

फिल्म की कहानी 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान लड़ी गई ऐतिहासिक रेजांग ला की लड़ाई की है, जिसमें भारतीय सेना की 13 कुमाऊं रेजिमेंट के 120 वीर जवानों ने अद्भुत पराक्रम दिखाया था और 3,000 चीनी सैनिकों से भिड़ गए थे, जिसके चलते पूरी जंग का रुख बदल गया था।

निर्देशक रजनीश घई ने कहानी को इस तरह गढ़ा है कि दर्शक सैनिकों की बहादुरी, अनुशासन और बलिदान को महसूस करेंगे।