लोकसभा चुनाव 2024 : कांग्रेस ने महालक्ष्मी योजना का दावा करते हुए नया चुनाव प्रचार वीडियो किया लॉन्च

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नई दिल्ली, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। कांग्रेस पार्टी ने शनिवार को लोकसभा चुनाव प्रचार के लिए नया वीडियो लॉन्च किया, जिसमें पार्टी ने अपनी प्रस्तावित ‘महालक्ष्मी योजना’ के लाभों के बारे में बताया है।

पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी किया गया वीडियो, नेटिजन्स का ध्यान इस ओर आकर्षित कर रहा है कि कैसे ‘महिलाओं के लिए उसकी प्रतिज्ञा’ से गरीब परिवारों का उत्थान होगा।

कांग्रेस पार्टी की महालक्ष्मी योजना को दिखाने वाले वीडियो में एक महिला को कांग्रेस के घोषणापत्र में किए गए वादे के अनुसार वित्तीय सहायता के तहत सिलाई मशीन प्राप्त करते हुए दिखाया गया है। साथ ही यह दिखाया गया है कि कैसे वह उसके जीवन को बदल देता है।

वीडियो में गरीब परिवारों की महिलाओं को सालाना 1 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाने की पार्टी की घोषणा को भी जोरदार तरीके से दर्शाया गया है। कांग्रेस पार्टी की तरफ से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा गया, ”नारी न्याय, महालक्ष्मी… गरीब परिवार की महिला को हर साल एक लाख रुपये।” वहीं, इसके साथ ही “हाथ बदलेगा हालात” का भी इस्तेमाल किया गया है।

वीडियो को राहुल गांधी सहित कांग्रेस पार्टी के कई शीर्ष नेताओं ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया है, जिन्होंने इसे कैप्शन दिया है, “घर-घर आएगी खुशियों की सौगात, अब हाथ बदलेगा हालात।”

महालक्ष्मी वीडियो को नेटिजन्स से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। कुछ लोगों ने योजना की सराहना की, जबकि कुछ अन्य ने इसे केवल बयानबाजी बताकर, आलोचना करते हुए दावा किया कि यह आर्थिक रूप से अव्यवहार्य है।

एक यूजर ने लिखा, “यह एक अच्छा विज्ञापन है, जिसमें सुझाव दिया गया है कि 1 लाख रुपये के अनुदान का उपयोग सिलाई मशीन जैसी पूंजीगत वस्तु खरीदने के लिए किया जा सकता है, लेकिन अगर यह दहेज या दिवाली उपहार देने के लिए इस्तेमाल होता है तो क्या होगा? गरीब शहरी महिलाएं घर में बंटाईदार के साथ जमीन की मालिक हो सकती हैं।”

कांग्रेस पार्टी ने “अपनी धरती, अपना राज योजना” शीर्षक से एक और वीडियो भी जारी किया, जो अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदाय के समर्थन पर केंद्रित है, जिसमें दावा किया गया है कि कांग्रेस उन बस्तियों को अनुसूचित क्षेत्रों में अधिसूचित करेगी, जहां आदिवासी सबसे बड़ा सामाजिक समूह हैं।