रक्षा क्षेत्र में महाशक्ति बनकर उभर रहा हिंदुस्तान : पीके सहगल

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नई दिल्ली, 13 जून (आईएएनएस)। लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी को आर्मी चीफ बनाया गया है। इस पर सवाल भी उठाए जा रहे हैं। दूसरी तरफ बचाव में कहा जा रहा है कि उस समय देश में चुनाव चल रहे थे, इसलिए सरकार ने नई नियुक्ति पर कोई फैसला नहीं लिया।

इस पूरे मामले में सेवानिवृत्त मेजर जनरल पीके सहगल ने कहा कि हिंदुस्तान में हमेशा से विपक्ष हर सरकारी फैसले पर टिप्पणी करता है। अगर सरकार उपेंद्र त्रिवेदी की नियुक्ति कर देती तो उस वक्त यह कहते कि आचार संहिता का उल्लंघन है। अगर नियुक्ति नहीं करती तो सवाल उठाए जाते। जो सीनियर मोस्ट थे, इसलिए उनको चीफ बनाया है। जो पाकिस्तान और चीन के बॉर्डर पर काम कर चुके हैं। सरकार कैसे फंक्शन करती है, कैसे काम करती है, उसके बारे में उनको पूरी जानकारी है, इसलिए उनकी नियुक्ति बहुत बढ़िया है।

चुनाव के दौरान सेना प्रमुख के कार्यकाल को विस्तार देने को लेकर नेताओं की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं। जिस पर पीके सहगल ने कहा कि मेरे मुताबिक तो विपक्ष हर मुद्दे पर सवाल उठाता है, आज से नहीं पिछले कई सालों से उठाता रहा है। अगर सरकार ने फैसला लिया होता तो ये कहते कि फैसला गलत था। देश की सुरक्षा को लेकर पूरे देश को एकजुट होकर सरकार के पीछे खड़ा होना चाहिए। ना कि उस पर टिप्पणी करनी चाहिए।

उनका कहना है कि पिछले 10 साल में आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया बहुत कामयाब रहा है। हिंदुस्तान अब सबसे ज्यादा हथियारों की सप्लाई करने वाला देश बन रहा है। अब हम 70% हथियार इंपोर्ट करते हैं, आज हम बड़े एक्सपोर्टर के रूप में उभर रहे हैं। अब इस समय हम 84 देश को कई बार प्रकार के हथियार दे रहे हैं और 100 देशों को अन्य प्रकार के साजो-सामान भी दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि हमारे हिंदुस्तान के बने हुए हवाई जहाज की मांग बढ़ रही है। हेलीकॉप्टर की मांग बढ़ रही है। हमारे यहां जो हेलीकॉप्टर बन रहे हैं, कई प्रकार की मिसाइल बन रही है, उन सबके लिए जो हमारे फ्रेंडली देश हैं, बात कर रहे हैं और हिंदुस्तान बहुत बड़े पैमाने पर महाशक्ति के रूप में सामने आ रहा है। हम 100 परसेंट ट्रांसफर टेक्नोलॉजी की बात करते हैं। हम अमेरिका से टेक्नोलॉजी ले रहे हैं, जिससे हिंदुस्तान एक हब बन जाएगा। इसी तरीके से हम इजराइल, रूस, फ्रांस से भी टेक्नोलॉजी ले रहे हैं। 2035 तक हम इतने ज्यादा सुरक्षित हो जाएंगे कि चीन हमें ललकारने के पहले सौ बार सोचेगा।