गाजियाबाद, 28 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद के कविनगर थाना क्षेत्र पुलिस ने गैंगरेप मामले में चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस ने मामले की जांच की तो पूरा मामला फर्जी निकला।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने गैंगरेप की फर्जी सूचना देने वाली महिला को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने जब मामले की जांच शुरू की तो आरोपियों की लोकेशन घटनास्थल के बजाय अन्य स्थानों पर मिली। पुलिस ने साक्ष्य के रूप में सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ली है। साथ ही महिला को भी गिरफ्तार कर लिया है।
डीसीपी सिटी राजेश कुमार ने बताया कि महिला आरोपियों पर पहले भी केस दर्ज करा चुकी है। महिला द्वारा बताई घटना में विरोधाभास मिलने पर उससे पूछताछ की गई। महिला ने कहा था कि 24 फरवरी को रात में 8 बजे से रात 9:30 बजे के करीब वह अपने घर से सोमवार बाजार की तरफ जा रही थी तभी रस्ते में एक कार उसके पास आकर रुकी और उसमें मौजूद लोगों ने उसे अंदर खींच लिया। कार में तीन लोग थे, जिनमें से दो को वह जानती है। उनमें से एक दीपक चौहान और दूसरा वैभव उर्फ रोबिन चौहान था। महिला का आरोप था कि तीनों ने कार लॉक कर उसके साथ मारपीट शुरू कर दी और बारी बारी से रेप किया। महिला के मुताबिक, इसके बाद आरोपी उसे फाटक के पास फेंककर फरार हो गए। करीब 30 मिनट बाद होश में आने पर उसने डायल-112 पर फोन किया और अस्पताल पहुंची।
उन्होंने आगे बताया कि महिला की शिकायत पर कविनगर पुलिस ने दो नामजद समेत तीन लोगों के खिलाफ गैंगरेप, एसिड से जलाने और एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपियों से संपर्क किया तो उन्होंने अपनी लोकेशन घटनास्थल के बजाय अन्य स्थानों पर बताई। घटना की सच्चाई जानने के लिए पुलिस ने आरोपियों की सीडीआर खंगाली। साथ ही घटनास्थल और आरोपियों द्वारा बताई गई लोकेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले। सीडीआर में आरोपियों की लोकेशन घटनास्थल की नहीं मिली, इसके अलावा अन्य स्थान पर होने के साक्ष्य के रूप में सीसीटीवी कैमरे की फुटेज मिली।