Friday, June 19, 2026
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7वीं टैगोर चिल्ड्रन पेंटिंग प्रतियोगिता में 2700 बच्चों की भागीदारी, स्कोप कैंपस में रचनात्मकता का अद्भुत संगम

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भोपाल :16 नवम्बर/ भोपाल, रायसेन, औबेदुल्लागंज, मंडीदीप से स्कूलों के 2700 बच्चों ने अपनी कल्पनाशक्ति, सृजनात्मकता और रंगों की भाषा से आज स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी परिसर को जीवंत बना दिया। विश्वरंग, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय (RNTU) और स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी (SGSU) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 7वीं टैगोर चिल्ड्रन पेंटिंग प्रतियोगिता 2025 शानदार उत्साह और बड़े स्तर की सहभागिता के साथ सम्पन्न हुई।

प्रतियोगिता में कक्षा 3 से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने चार श्रेणियों में भाग लेकर अपनी कल्पनाओं को कैनवास पर उकेरा। बच्चों ने नारी शक्ति, स्पेस टेक्नोलॉजी, प्रकृति, धर्म–आध्यात्म, (हनुमान जी, राधा–कृष्ण, शिव जी, प्रेमानंद जी, सनातन संस्कृति), ग्लोबल वार्मिंग, डिजिटलीकरण और तकनीक, पोर्ट्रेट, जानवरों की कलाकृतियाँ, कार्टून कैरेक्टर्स, मांडना आर्ट, जगन्नाथ जी, एलियन्स, देशभक्ति, तथा बुद्ध एवं महावीर जैसे विषयों पर शानदार पेंटिंग्स प्रस्तुत कीं।

इस अवसर पर स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कहा, “2700 बच्चों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि रचनात्मकता बच्चों की सहज अभिव्यक्ति है। विश्वरंग लगातार प्रयासरत है कि कला, साहित्य और संस्कृति के माध्यम से बच्चों में संवेदनशीलता और कल्पनाशक्ति का विकास हो।”

रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय (आरएनटीयू) की प्रो. चांसलर डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स ने कहा, “यह प्रतियोगिता बच्चों को स्वतंत्र रूप से सोचने और अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त करने का अवसर देती है। आज बच्चों ने जिस विविधता और गहराई से विषयों को प्रस्तुत किया है, वह उनकी सृजनात्मक क्षमता का सुंदर प्रमाण है।”

वहीं एसजीएसयू के कुलगुरू डॉ. विजय सिंह एवं कुलसचिव डॉ. सितेश कुमार सिन्हा ने बताया कि यह प्रतियोगिता छात्रों की कलात्मक दृष्टि को राष्ट्रीय मंच तक पहुँचाने का माध्यम बनेगी। सबसे अनूठी बात है कि छात्रों ने धर्म, संस्कृति, तकनीक, प्रकृति और विज्ञान इत्यादि सभी विषय पर अद्भुत संवेदनशीलता दिखाई।

आरएनटीयू की कुलसचिव डॉ. संगीता जौहरी ने कहा, “स्कूल स्तर पर ऐसे आयोजन बच्चों के आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आज का आयोजन आने वाले कलाकारों के निर्माण की दिशा में एक मजबूत कदम है।”

प्रतियोगिता में चयनित प्रतिभागियों को विश्वरंग 2025 के दौरान राष्ट्रीय कलाकारों की विशेष आर्ट वर्कशॉप में भाग लेने का अवसर मिलेगा। सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए तथा विजेताओं के लिए आकर्षक पुरस्कार निर्धारित किए गए।