नई दिल्ली, 17 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस ने एनआरआई डॉक्टर दंपति को डिजिटल अरेस्ट करके 15 करोड़ रुपए की ठगी करने के मामले में दो आरोपियों को गुजरात से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के नाम दिव्यांक पटेल और शितौली हैं।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, डिजिटल अरेस्ट के दौरान जो पैसा ठगा गया, उसमें से चार करोड़ रुपए दिव्यांक पटेल के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। दिल्ली पुलिस ने दोनों आरोपियों को वडोदरा से गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार करने के बाद दोनों आरोपियों को दिल्ली पुलिस राजधानी लाई और उनसे पूछताछ की जा रही है। डिजिटल अरेस्ट की इस घटना से हड़कंप मच गया था।
बता दें कि ग्रेटर कैलाश इलाके के एक बुजुर्ग दंपति से साइबर अपराधियों ने ठगी की। डॉक्टर कपल अमेरिका से लौटे थे और 2016 से ग्रेटर कैलाश में रह रहे थे। पुलिस के अनुसार, बुजुर्ग डॉक्टर कपल के साथ कथित तौर पर करीब 14 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी हुई। साइबर अपराधियों ने उन्हें दो हफ्ते से अधिक समय तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा था।
इस दौरान आरोपी कपल से हमेशा वीडियो कॉल के जरिए जुड़े रहते थे और उनकी हर गतिविधि पर नजर रखते थे। बुजुर्ग दंपत्ति को घर से बाहर निकलने, किसी से मिलने आदि पर रोक लगाई गई थी। उनके साथ यह सब एजेंसी की जांच के नाम पर किया गया।
संपत्ति की जांच के नाम पर उनसे सारे पैसे यह कहकर ट्रांसफर करवाए गए कि जांच के बाद उन्हें सब लौटाया जाएगा, लेकिन जब बुजुर्ग दंपत्ति को कुछ भी वापस नहीं मिला तो उन्हें ठगी का आभास हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई और मामला प्रकाश में आया।
यह धोखाधड़ी कथित तौर पर 24 दिसंबर से 9 जनवरी के बीच हुई, जिसमें आरोपियों ने खुद को कानून प्रवर्तन अधिकारी बताकर बुजुर्ग कपल को कई बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया। शनिवार को एक ई-एफआईआर दर्ज की गई, जिसके बाद दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट ने जांच शुरू की।

