नोएडा, 19 जनवरी (आईएएनएस)। नोएडा में 27 वर्षीय इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद कई अहम तथ्य उजागर हुए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, युवराज की मौत दम घुटने से हुई है। इसके साथ ही रिपोर्ट में हार्ट फेलियर/कार्डियक अरेस्ट को भी मौत का कारण बताया गया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट इस बात की पुष्टि करती है कि युवराज की जान कार्डियक अरेस्ट के चलते गई। जानकारी के अनुसार, यह घटना शनिवार रात की है जब नोएडा में कड़ाके की सर्दी पड़ रही थी। जिस बेसमेंट में युवराज की कार गिर गई थी, वहां पानी भरा हुआ था और वह पानी बर्फ की तरह ठंडा बताया जा रहा है। हादसे के बाद युवराज काफी देर तक ठंडे पानी में भीगा रहा।
बताया जा रहा है कि वह लगभग दो घंटे तक पानी के बीच फंसी अपनी कार पर खड़ा रहकर मदद का इंतजार करता रहा। इस दौरान उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। पुलिस सूत्रों का कहना है कि लंबे समय तक ठंडे पानी के संपर्क में रहने, अत्यधिक ठंड और मानसिक तनाव के कारण युवराज की तबीयत बिगड़ गई।
आशंका जताई जा रही है कि मदद में हो रही देरी से वह घबराहट का शिकार हो गया और इसी घबराहट के बीच उसे कार्डियक अरेस्ट आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दम घुटने और हार्ट फेलियर दोनों कारण दर्ज किए गए हैं।
युवराज मेहता की मौत के बाद इलाके में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। रविवार को भी सुबह से देर शाम तक घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुटी रही। आसपास के रहने वाले लोग और राहगीर रुक-रुक कर सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते नजर आए।
लोगों का कहना था कि युवराज करीब दो घंटे तक मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन समय रहते कोई ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अगर समय पर सही संसाधनों के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन किया जाता तो युवराज की जान बचाई जा सकती थी।

