पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय विदिशा में पराक्रम दिवस पर “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम का भव्य आयोजन

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विदिशा : 23 जनवरी/ पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय विदिशा में 23 फरवरी को पराक्रम दिवस के पावन अवसर पर “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम का भव्य, प्रेरणादायक एवं उद्देश्यपूर्ण आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य विषय “ऑपरेशन सिंदूर” रहा, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को साहस, अनुशासन, आत्मबल, कर्तव्यनिष्ठा एवं राष्ट्रसेवा जैसे मूलभूत राष्ट्रीय मूल्यों से अवगत कराया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती गीता भदोरिया द्वारा माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। अपने उद्घाटन उद्बोधन में उन्होंने कहा कि पराक्रम केवल रणभूमि तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह जीवन की प्रत्येक चुनौती में – विशेष रूप से परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण अवसरों में – धैर्य, आत्मसंयम एवं निरंतर प्रयास के रूप में प्रकट होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को परीक्षा को भय नहीं, बल्कि आत्ममूल्यांकन का सशक्त माध्यम मानने की प्रेरणा दी तथा लक्ष्य के प्रति पूर्ण निष्ठा के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

इस कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों से आए लगभग 100 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान “ऑपरेशन सिंदूर” के उदाहरण के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया कि जिस प्रकार देश की रक्षा में मानसिक दृढ़ता, अनुशासन और साहस आवश्यक होते हैं, उसी प्रकार परीक्षा की तैयारी में भी आत्मविश्वास, समय प्रबंधन और सकारात्मक दृष्टिकोण अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजमाता विजय राजे सिंधिया शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय विदिशा के प्रोफेसर डॉ. रवि रंजन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता केवल प्रतिभा से नहीं, बल्कि निरंतर अभ्यास, धैर्य एवं सकारात्मक सोच से प्राप्त होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को तनावमुक्त रहकर नियमित अध्ययन करने तथा स्वयं पर विश्वास बनाए रखने का मार्गदर्शन दिया।

कार्यक्रम के संवादात्मक सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने परीक्षा, एकाग्रता, समय प्रबंधन एवं मानसिक तनाव से संबंधित प्रश्न प्रस्तुत किए, जिनका समाधान विशेषज्ञों द्वारा सरल, व्यावहारिक एवं प्रेरणादायक शैली में किया गया।

कार्यक्रम का समापन भी विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती गीता भदोरिया के संदेश के साथ हुआ। उन्होंने अपने समापन वक्तव्य में कहा कि पराक्रम दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि आत्मबल, अनुशासन, सकारात्मक सोच एवं संकल्प के माध्यम से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।

अंत में सभी विद्यार्थियों ने यह संकल्प लिया कि वे कार्यक्रम से प्राप्त शिक्षाओं को अपने शैक्षणिक, नैतिक एवं व्यक्तिगत जीवन में आत्मसात करेंगे तथा राष्ट्रनिर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए न केवल परीक्षा तैयारी का प्रभावी मार्गदर्शन बना, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन एवं राष्ट्रप्रेम की भावना को भी सुदृढ़ करने वाला सिद्ध हुआ।