ग्रीनलैंड को लेकर बढ़ता तनाव यूरोप के लिए रणनीतिक चेतावनी: फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों

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पेरिस, 28 जनवरी (आईएएनएस)। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बुधवार को कहा कि ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के साथ बढ़ता तनाव पूरे यूरोप के लिए एक रणनीतिक ‘वेक-अप कॉल’ है। उन्होंने इस मुद्दे पर डेनमार्क और ग्रीनलैंड के प्रति फ्रांस की एकजुटता दोहराई।

पेरिस में डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेताओं के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में मैक्रों ने कहा, “हालिया घटनाएं यह स्पष्ट करती हैं कि ग्रीनलैंड की स्थिति पूरे यूरोप के लिए रणनीतिक चेतावनी है- यूरोपीय संप्रभुता को मजबूत करने, आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा में योगदान, विदेशी हस्तक्षेप और दुष्प्रचार से मुकाबला, जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई और सतत विकास व रणनीतिक निर्भरता कम करने के लिए विशेष साझेदारी के संदर्भ में।”

मैक्रों ने कहा कि फ्रांस यूरोपीय संघ के सभी साझेदारों के साथ संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सिद्धांतों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोड़ा कि फ्रांस संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुरूप इन सिद्धांतों की रक्षा करता रहेगा।

इस अवसर पर डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने कहा कि नाटो को इस क्षेत्र, विशेष रूप से ग्रीनलैंड और हाई नॉर्थ में, कहीं अधिक सक्रिय और महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए।

इससे पहले 22 जनवरी को ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक नीलसन ने स्पष्ट किया था कि संप्रभुता उनकी सरकार के लिए एक रेड लाइन है, भले ही अमेरिका की ओर से कितना भी दबाव क्यों न हो। नूक (ग्रीनलैंड की राजधानी) में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा था, “हमारी क्षेत्रीय अखंडता और सीमाएं ऐसी लाल रेखाएं हैं जिन्हें पार नहीं किया जा सकता। ग्रीनलैंड वही ग्रीनलैंड चुनेगा जिसे हम आज जानते हैं- डेनमार्क साम्राज्य का हिस्सा।”

बता दें कि दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप ग्रीनलैंड, डेनमार्क साम्राज्य के अंतर्गत एक स्वशासी क्षेत्र है, जहां रक्षा और विदेश नीति का नियंत्रण कोपेनहेगन के पास है। वर्ष 2025 में दोबारा पदभार संभालने के बाद से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार ग्रीनलैंड को “हासिल करने” की इच्छा जता चुके हैं, जिसे यूरोप लगातार खारिज करता रहा है।