बजट में आयुष मंत्रालय के आवंटन में 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है: प्रतापराव जाधव

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नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। आयुष मंत्रालय के स्वतंत्र प्रभार वाले केंद्रीय राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने रविवार को बताया कि केंद्रीय बजट 2026-27 में आयुष मंत्रालय के लिए आवंटन बढ़ाकर 4,500 करोड़ रुपए कर दिया गया है, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने लगातार नौवें बजट भाषण में आयुर्वेद में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, अनुसंधान और तृतीयक देखभाल क्षमता का विस्तार करने के लिए तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना का प्रस्ताव रखा।

उन्होंने आयुष फार्मेसियों और औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं को उच्च प्रमाणन मानकों के अनुरूप उन्नत करने की भी घोषणा की, जिससे आयुर्वेदिक और अन्य पारंपरिक दवाओं के लिए गुणवत्ता आश्वासन प्रणाली मजबूत होगी और अधिक कुशल कर्मियों की मांग पैदा होगी।

जाधव ने आईएएनएस को बताया कि इस साल के बजट में आयुष मंत्रालय को लगभग 4,500 करोड़ रुपए का बजट दिया गया है, जो पिछले साल, 2025-26 के बजट की तुलना में 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है।

उन्होंने कहा कि हम देख रहे हैं कि वर्तमान में हमारे आयुष उद्योग का विकास बहुत बड़े पैमाने पर हो रहा है।

वित्त मंत्री ने जामनगर स्थित विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र को उन्नत करने का भी प्रस्ताव रखा, ताकि वैश्विक स्तर पर पारंपरिक चिकित्सा में साक्ष्य-आधारित अनुसंधान, प्रशिक्षण और जागरूकता को और बढ़ावा दिया जा सके।

उन्होंने कहा कि इसे उन्नत करने से वहां साक्ष्य-आधारित अनुसंधान किया जाएगा और ठोस वैज्ञानिक प्रमाण प्राप्त होंगे। इससे अनुसंधान की समग्र गुणवत्ता में सुधार होगा और हमारे पारंपरिक चिकित्सा केंद्रों को उच्च स्तर तक लाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, डब्ल्यूएचओ के साथ सहयोग करने से हमारी पारंपरिक चिकित्सा को वैश्विक मान्यता प्राप्त करना आसान हो जाएगा।

सीतारामन ने प्रस्तावित पांच क्षेत्रीय चिकित्सा मूल्य पर्यटन केंद्रों के भीतर आयुष केंद्र स्थापित करने की योजना की भी घोषणा की, जिसमें निदान, पश्चात देखभाल और पुनर्वास के साथ-साथ आयुष सेवाओं को व्यापक चिकित्सा पर्यटन परिसरों में एकीकृत किया जाएगा।