चंदौसी, 11 फरवरी (आईएएनएस)। भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उत्तर प्रदेश के चंदौसी में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के दो अधिकारियों को एक निजी कंपनी से रिश्वत मांगने और लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार अधिकारियों की पहचान एफसीआई डिपो के मैनेजर सुनील त्यागी और एफसीआई डिपो के असिस्टेंट ग्रेड-II (डिपो इंचार्ज) अशोक कुमार के रूप में हुई है। दोनों चंदौसी में तैनात थे।
सीबीआई की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह मामला 11 फरवरी 2026 को दर्ज किया गया, जो क्षेत्र में कार्यरत एक निजी कंपनी की शिकायत के आधार पर दर्ज हुआ।
शिकायतकर्ता एफसीआई बबराला डिपो में 16 स्टैक चावल जमा कराने गया था और अतिरिक्त 8 स्टैक जमा कराने की योजना बना रहा था। इस दौरान डिपो इंचार्ज ने कथित तौर पर शुरुआती 16 स्टैक क्लियर कराने के लिए 50,000 रुपए की अवैध रिश्वत की मांग की।
इसके अलावा, शेष आठ स्टैकों के लिए प्रति स्टैक 15,000 रुपए की मांग भी की गई, सीबीआई की विज्ञप्ति में इसकी जानकारी दी गई है।
शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने जाल बिछाया। एजेंसी के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान सामने आया कि डिपो इंचार्ज ने एफसीआई चंदौसी डिपो के मैनेजर के साथ मिलकर रिश्वत वसूलने की साजिश रची थी।
दोनों अधिकारियों को 11 फरवरी को शिकायतकर्ता से रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 30,000 रुपए लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।
सीबीआई ने पुष्टि की है कि मामले की जांच जारी है, ताकि भ्रष्टाचार की पूरी हद का पता लगाया जा सके और यह भी जाना जा सके कि इसमें कोई अन्य लोग शामिल हैं या नहीं।
अधिकारियों के अनुसार, यह मामला सार्वजनिक वितरण प्रणाली में रिश्वत और भ्रष्टाचार की लगातार बनी रहने वाली चुनौतियों को उजागर करता है। इसके साथ ही, यह भी स्पष्ट है कि सीबीआई की यह कार्रवाई पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में एजेंसी की सक्रिय भूमिका को दर्शाती है।
जांच जारी रहने के साथ, आरोपियों के खिलाफ संभावित अनुशासनात्मक कार्रवाई और आगे की जांच से जुड़ी जानकारी आने वाले दिनों में जारी किए जाने की उम्मीद है।

