गांधीनगर, 12 फरवरी (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गुजरात सरकार ने राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों में आवारा कुत्तों की संख्या का तत्काल सर्वे शुरू करने के निर्देश जारी किए हैं।
स्कूल कमिश्नर कार्यालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजा है, जिसमें तीन दिनों के अंदर विस्तृत रिपोर्ट भेजने को कहा गया है। यह कार्रवाई सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की जा रही है, क्योंकि आवारा कुत्तों के हमलों से बच्चों और आम लोगों को खतरा है।
सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि सुप्रीम कोर्ट के सुओ मोटो रिट याचिका (सिविल) नंबर 5/2025 के तहत जारी निर्देशों का पालन करते हुए यह सर्वे जरूरी है। स्कूल कमिश्नर ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे अपने क्षेत्र के सभी स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में कुत्तों की सटीक संख्या दर्ज करें। इसमें सीबीएसई संबद्ध स्कूल भी शामिल हैं। सर्वे में स्कूल परिसर, आसपास के इलाके और संबंधित स्थानों पर मौजूद कुत्तों की जानकारी ली जाएगी।
सर्वे की रिपोर्ट जिला स्तर पर तैयार कर गुजरात एनिमल वेलफेयर बोर्ड को भेजी जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे रिपोर्ट पर हस्ताक्षर और मुहर लगाकर समय पर स्कूल कमिश्नर कार्यालय को भेजें। यह सर्वे स्कूलों के अलावा अस्पतालों, बस स्टैंडों और रेलवे स्टेशनों जैसे अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी लागू होगा, जहां आवारा कुत्तों की मौजूदगी से खतरा बढ़ रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने हाल के महीनों में आवारा कुत्तों के मामले में कई राज्यों की सुनवाई की थी और सार्वजनिक स्थानों से कुत्तों को हटाने, नसबंदी-टीकाकरण कराने और शेल्टर में रखने के निर्देश दिए थे। गुजरात में यह सर्वे कोर्ट के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने और आगे की योजना बनाने के लिए किया जा रहा है। शिक्षा विभाग ने इसे अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है और देरी न करने की सख्त हिदायत दी है। स्थानीय लोग और अभिभावक इस कदम का स्वागत कर रहे हैं, क्योंकि स्कूलों में कुत्तों की मौजूदगी से बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई जैसे नसबंदी अभियान और बाड़ लगाने का फैसला लिया जाएगा।

