Sunday, August 2, 2026
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बांग्लादेश में लोकतंत्र वापस आना भारत के नजरिए से जरूरी है: आनंद परांजपे

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मुंबई, 12 फरवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश के आम चुनाव को लेकर एनसीपी नेता आनंद परांजपे ने कहा कि बांग्लादेश में डेमोक्रेसी वापस आना भारत के नजरिए से भी जरूरी है।

एनसीपी नेता आनंद परांजपे ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि यह सबसे महत्वपूर्ण है कि हमारे पड़ोसी देश में लोकतंत्र बहाल हो। आज बांग्लादेश में लोकतांत्रिक सरकार के लिए चुनाव हो रहे हैं, जो एक सकारात्मक कदम है। हालांकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि वहां अल्पसंख्यक हिंदू लगातार हमलों का सामना कर रहे हैं। केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। फिर भी, बांग्लादेश में लोकतंत्र की वापसी भारत के हित में भी है।

अजित पवार की मौत पर रोहित पवार द्वारा शक जताए जाने पर एनसीपी नेता आनंद परांजपे ने कहा कि पहले दिन से ही नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने स्पष्ट रुख अपनाया है। 28 तारीख को हैंडल एयरो में सुबह 7:03 बजे व्हाट्सएप पर प्रेजेंटेशन दिखाया गया था कि सब कुछ साफ है-बारामती में विजिबिलिटी ठीक थी और सब कुछ सामान्य होना चाहिए था। उस समय से लेकर सुबह 8:44 बजे तक, जब प्लेन क्रैश हुआ, सभी घटनाओं की पूरी जांच होनी चाहिए। अजित दादा के जाने से पूरे महाराष्ट्र को भारी नुकसान हुआ है। इस मुद्दे पर रोहित पवार द्वारा राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए।

एनसीपी के विलय को लेकर उन्होंने कहा कि 2 जुलाई 2023 को अजित दादा ने पवार के नेतृत्व में अलग निर्णय लिया था। हम भाजपा के साथ एनडीए की सरकार में हैं। एनसीपी के फैसले पार्टी के नेतृत्व द्वारा लिए जाते हैं। अजित दादा की दुखद घटना को राजनीतिक रूप से इस्तेमाल करना ठीक नहीं है। हम जांच की मांग का समर्थन करते हैं।

यूएन रिपोर्ट को लेकर एनसीपी नेता ने कहा कि नवंबर में लाल किले के बाहर हुए ब्लास्ट के लिए जैश-ए-मोहम्मद और मसूद अजहर जिम्मेदार हैं। इससे पाकिस्तान की पोल खुल गई है। आज भी पाकिस्तान धरती पर आतंकवाद को पनाह देता है और आतंकी संस्थाओं के जरिए भारत पर हमले करवाता है। यूएन की रिपोर्ट से पूरी दुनिया के सामने सच्चाई सामने आ गई है।

पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की किताब को लेकर एनसीपी नेता ने कहा कि रिटायर्ड आर्मी चीफ ने जो किताब लिखी है, वह अभी प्रकाशित नहीं हुई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कुछ पैराग्राफ पढ़े। उनकी जिम्मेदारी है कि बताएं कि उन्हें वह लाइन कहां से मिली।

वंदे मातरम पर सरकार की गाइडलाइंस पर आनंद परांजपे ने कहा कि पूरी आजादी की लड़ाई के दौरान आजादी के दीवानों ने ‘वंदे मातरम’ का नारा लगाया। देश की आजादी के लिए कई लोगों ने अपनी जान कुर्बान की। उनके सम्मान में ‘वंदे मातरम’ को श्रद्धांजलि के तौर पर गाया जाता है। अगर केंद्र सरकार ने राष्ट्रगान से पहले ‘वंदे मातरम’ के सभी छह छंद बजाने का फैसला किया है, तो एनसीपी इस फैसले का स्वागत करती है।