Friday, July 31, 2026
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बढ़ी ‘घूसखोर पंडत’ की मुश्किलें, अब जबलपुर के जिला न्यायालय में शिकायत दर्ज

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जबलपुर, 14 फरवरी (आईएएनएस)। मनोज बाजपेयी की फिल्म “घूसखोर पंडत” की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। हाल ही में मामले पर सुप्रीम कोर्ट सख्त रवैया अपना चुका है और फिल्म का टाइटल बदलने का निर्देश दिया है।

अब “घूसखोर पंडत” के खिलाफ जबलपुर में भी जिला न्यायालय में शिकायत दायर की गई है। शिकायत में फिल्म के टाइटल को ब्राह्मण समाज के प्रति अपमानजनक और मानहानिकारक बताया गया है।

जबलपुर के जिला न्यायालय में फिल्म “घूसखोर पंडत” को लेकर नई शिकायत दर्ज की गई है। शिकायत स्क्रिप्ट राइटर, फिल्म कलाकार और ज्योतिषी पंडित वैभव पाठक ने दर्ज कराई है। वैभव पाठक ने शिकायत में फिल्म के टाइटल को ब्राह्मण समाज के प्रति अपमानजनक और मानहानिकारक बताया है। मामले की सुनवाई के दौरान 20 फरवरी को प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में बयान दर्ज किए जाएंगे।

शिकायत में फिल्म के निर्माता नीरज पांडे और ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स के प्रमुख रीड हेस्टिंग्स समेत अन्य कंटेंट अधिकारियों को प्रस्तावित अभियुक्त बनाया गया है। फिलहाल अदालत में मामले की प्रक्रिया जारी है, और अगली सुनवाई के बाद आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।

बता दें कि 12 फरवरी को भी सुप्रीम कोर्ट फिल्म के मेकर्स की क्लास लगा चुका है। कोर्ट का कहना है कि अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब ये कतई नहीं है कि किसी विशेष समुदाय को टारगेट किया जाए और टाइटल में “पंडत” शब्द का इस्तेमाल क्यों किया गया है। कोर्ट ने निर्माता को ये भी आदेश दिया कि वे एक हलफनामा दाखिल करें जिसमें स्पष्टीकरण हो कि फिल्म का नाम किसी समाज या वर्ग का अपमान नहीं करता है।

कोर्ट का कहना है कि फिल्म का टाइटल बदलने के बाद ही फिल्म को रिलीज किया जाए। मेकर्स भी सोशल मीडिया पर फिल्म के टाइटल को लेकर सफाई दे चुके हैं और नेटफ्लिक्स से फिल्म से जुड़ी सारी प्रचार सामग्री भी हटा चुके हैं। सभी प्लेटफॉर्म से फिल्म के पोस्टर और रिलीज टीजर को हटा लिया गया है। भले ही अभी तक मेकर्स की तरफ से नए टाइटल की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन उससे पहले ही फिल्म नए पचड़े में फंस चुकी है। अब देखना होगा कि मेकर्स नए टाइटल के साथ वापसी करते हैं या फिर फिल्म ठंडे बस्ते मे चली जाएगी।