पाली, 14 फरवरी (आईएएनएस)। राजस्थान के पाली जिले में डोडा तस्करों और पुलिस के बीच हुई मुठभेड़ में एक तस्कर की मौत के बाद उपजा गतिरोध अब समाप्त हो गया है।
इस घटना के बाद से मोर्चरी के बाहर तनाव का माहौल बना हुआ था। लेकिन, शनिवार को प्रशासन और परिजनों के बीच बनी सहमति के बाद स्थिति शांत हो गई। मेडिकल बोर्ड की मौजूदगी में अत्यंत पारदर्शी तरीके से पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई।
घटना की शुरुआत गुरुवार रात हुई, जब एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को सूचना मिली कि डोडा पोस्त से लदी दो संदिग्ध गाड़ियां पाली की सीमा में प्रवेश कर रही थीं। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। तस्करों ने भागने की कोशिश की। एक गाड़ी तो चकमा देकर निकल गई, लेकिन दूसरी गाड़ी को पुलिस ने चारों तरफ से घेर लिया। खुद को घिरा पाकर तस्करों ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक गोली तस्कर की गर्दन के नीचे जा लगी। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मौके से करीब 500 किलो डोडा पोस्त, अवैध हथियार और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए।
तस्कर की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने मोर्चरी के बाहर डेरा डाल दिया। परिजनों का आरोप था कि यह एनकाउंटर फर्जी है। उन्होंने मांग की कि घटना के समय पकड़े गए दूसरे युवक से उनकी बात करवाई जाए। इस गतिरोध के कारण काफी समय तक पोस्टमार्टम नहीं हो सका। पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए परिजनों से लगातार बातचीत की और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। लंबी वार्ता के बाद परिजन मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाने को तैयार हुए।
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखा गया। देसूरी एसडीएम सिद्धार्थ सांदू और न्यायिक मजिस्ट्रेट की निगरानी में मेडिकल बोर्ड ने शव का परीक्षण किया। इस दौरान मृतक के परिजन भी मौजूद रहे। गोली की स्थिति जानने के लिए मोर्चरी में मोबाइल एक्स-रे मशीन लाई गई, लेकिन गोली नहीं दिखी। इसके बाद शव को अस्पताल के एक्स-रे रूम में ले जाकर हर एंगल से एक्स-रे किए गए। फिर भी गोली न दिखने पर सिटी स्कैन कराने का फैसला लिया गया। सिटी स्कैन से गोली की सही स्थिति पता चलने के बाद उसे बाहर निकाला जाएगा। उसके बाद ही पोस्टमार्टम पूरा किया जाएगा।
पोस्टमार्टम की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मृतक के पार्थिव शरीर को उसके पैतृक गांव भेजने की तैयारी कर ली गई है। इस पूरे मामले में पुलिस और प्रशासन ने संयम और पारदर्शिता बरतते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। स्थानीय लोग अब घटना के न्यायपूर्ण निपटारे की उम्मीद कर रहे हैं।

