नई दिल्ली, 16 फरवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने पुलिस उपायुक्त (उत्तरी दिल्ली) और दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति को नोटिस जारी किया है। उन पर आरोप है कि विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में एक प्रदर्शन को कवर करते समय एक महिला पत्रकार और कंटेंट क्रिएटर पर हिंसक हमला किया गया।
एनएचआरसी सदस्य प्रियांक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने उस शिकायत का संज्ञान लिया, जिसमें आरोप लगाया गया है कि शुक्रवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के समर्थन में हो रहे एक प्रदर्शन को कवर करते समय पत्रकार पर भीड़ ने हमला किया था।
शिकायत के अनुसार, हमलावरों ने कथित तौर पर पत्रकार को उसकी जातिगत पहचान के आधार पर निशाना बनाया, उसे मौखिक रूप से गाली दी, शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया, हिंसा की धमकी दी, और उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया।
शिकायतकर्ता ने कहा कि यह घटना जाति आधारित हिंसा, प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला और जीवन, गरिमा और व्यक्तिगत सुरक्षा के उनके मौलिक अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है।
शिकायतकर्ता ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) से हस्तक्षेप की मांग करते हुए घटना की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई, पीड़िता के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय और कानूनी सहायता एवं मुआवजे के प्रावधान का अनुरोध किया।
यह देखते हुए कि आरोप, यदि सत्य हैं, तो प्रथम दृष्टया पीड़िता के मानवाधिकारों के उल्लंघन का संकेत देते हैं, सर्वोच्च मानवाधिकार निकाय ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत मामले का संज्ञान लिया।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने डीसीपी (उत्तर दिल्ली) और दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति को आरोपों की जांच करने और दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है, ताकि एनएचआरसी इसकी समीक्षा कर सके।

