दिल्ली पुलिस ने किया इंटर-स्टेट ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़, 326 ग्राम स्मैक बरामद, तीन गिरफ्तार

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नई दिल्ली, 21 फरवरी (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस की ईस्ट डिस्ट्रिक्ट की एंटी-नारकोटिक्स स्क्वॉड ने ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एक बड़े इंटर-स्टेट ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें एक दिल्ली में सक्रिय ड्रग पेडलर और उसके दो उत्तर प्रदेश (बदायूं) आधारित मुख्य सोर्स शामिल हैं।

गिरफ्तार आरोपियों से कुल 326.85 ग्राम कमर्शियल क्वांटिटी स्मैक (हेरोइन) बरामद हुई, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 60 लाख रुपए है। यह सफलता दिल्ली-एनसीआर में नशीले पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

12 फरवरी 2026 की मध्यरात्रि को एंटी-नारकोटिक्स स्क्वॉड को गुप्त सूचना मिली कि अमीन खान नामक व्यक्ति एनएच-24 से नोएडा लिंक रोड के पास समयपुर गांव, पांडव नगर इलाके में स्मैक की सप्लाई करने आ रहा है। सूचना पर आधारित जाल बिछाकर टीम ने अमीन खान (24 वर्ष, निवासी गांव गंगोला, दातागंज, बदायूं, उत्तर प्रदेश) को पकड़ा। उसकी तलाशी में 291 ग्राम स्मैक बरामद हुई। इस आधार पर पांडव नगर थाने में एफआईआर नंबर 41/26 दर्ज की गई और एनडीपीएस एक्ट की धारा 21/61/85 के तहत मामला दर्ज हुआ।

जांच में अमीन खान ने कबूल किया कि वह स्मैक अपने सोर्स राशिद (38 वर्ष, बदायूं) से लेता था और दिल्ली-एनसीआर में छोटी मात्रा में बेचता था। पूरे सिंडिकेट को खत्म करने के लिए टीम ने अमीन की पुलिस कस्टडी ली और 15 फरवरी 2026 की रात को बदायूं में राशिद को गिरफ्तार किया। राशिद ने आगे बताया कि वह स्मैक बलबीर (34 वर्ष, गांव नोनी, बदायूं) से लेता था। गहन तकनीकी और मैनुअल इनपुट के आधार पर बलबीर को भी गिरफ्तार किया गया और उसके पास से 35.85 ग्राम स्मैक बरामद हुई।

पूछताछ में अमीन खान ने खुलासा किया कि 2023 में मेरठ में स्मैक सप्लाई के मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था। जेल से रिहा होने के बाद वह पिछले 5 महीने से गांधी नगर, शाहदरा में किराए पर रह रहा था। वह खोड़ा चौक, शशि गार्डन जैसे इलाकों में स्मैक के पाउच बेचता था। तीनों आरोपी बदायूं से दिल्ली-एनसीआर में स्मैक सप्लाई करते थे। उनका मुख्य मकसद तेज कमाई था, जिसके लिए वे शहरी इलाकों में नशे की कमजोरी का फायदा उठाते थे। आरोपियों की पहचान अमीन खान (24 वर्ष, अनपढ़, अविवाहित), राशिद (38 वर्ष, 12वीं पास, विवाहित) और बलबीर (34 वर्ष) के रूप में हुई है।

दिल्ली पुलिस ने कहा कि नशा मुक्त समाज बनाने के लिए ड्रग पेडलर्स, कैरियर्स और सोर्स को लगातार टारगेट किया जा रहा है। इंस्पेक्टर अरुण कुमार की अगुवाई और एडिशनल डीसीपी संजय सिंह के मार्गदर्शन में टीम ने यह सफलता हासिल की। जांच जारी है और आगे के सोर्स/नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है।