ओडिशा के बंगाली बहुल गांवों में बाल विवाह के मामले बढ़े, अलर्ट प्रशासन ने ग्रामीणों को दिलाई शपथ

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केंद्रपाड़ा, 22 फरवरी (आईएएनएस)। ओडिशा में केंद्रपाड़ा जिले के तालचुआ क्षेत्र में बाल विवाह के मामले उजागर होने के बाद शासन प्रशासन अलर्ट हो गया है। बाल विवाह पर रोकथाम के लिए अब इस क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाया गया। किशोर लड़के-लड़कियों के साथ ही परिजनों को बाल विवाह न करने की शपथ दिलाई गई।

दरअसल, पिछले सोमवार को प्रकाशित एक विशेष रिपोर्ट में राजनगर ब्लॉक के तालचुआ मरीन पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बंगाली बहुल गांवों में बाल विवाह में बढ़ोतरी को उजागर किया था। हालांकि बाल विवाह परिवार की सहमति से किए जाते हैं।

यह मुद्दा प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है और अधिकारियों ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए केरुपाल और रंगानी गांवों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

राजनगर बाल विकास पर्यवेक्षक मीनाती मिश्रा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “जैसे ही हमें यह सूचना मिली कि तालचुआ क्षेत्र में बाल विवाह बढ़ रहे हैं, मैंने तुरंत तालचुआ मरीन पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी से बात की। इसके बाद मैं पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंची और गहन जांच की। जांच पूरी होने के बाद अपने वरिष्ठ अधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी।”

मीनाती मिश्रा ने आगे कहा, “वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों पर केरुपल और रंगानी गांवों में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में सरपंच, वार्ड सदस्य, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, ग्राम प्रधान, अभिभावक और किशोर लड़के-लड़कियां शामिल हुए। कार्यक्रम में बाल विवाह के कानूनी और सामाजिक परिणामों पर चर्चा करते हुए इसके नुकसान और आगे आने वाली कठिनाइयों के बारे में जागरूक किया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों द्वारा भविष्य में बाल विवाह न करने और न ही उनका समर्थन करने की सामूहिक शपथ ली।