Thursday, July 30, 2026
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तेलंगाना में नक्सलियों के सरेंडर पर छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम बोले, अंतिम दौर में नक्सल मुक्त अभियान

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रायपुर, 22 फरवरी (आईएएनएस)। तेलंगाना पुलिस को रविवार को बड़ी सफलता मिली। शीर्ष माओवादी थिप्परी तिरुपति उर्फ देवजी और मल्ला राजू रेड्डी ने सरेंडर कर दिया।

इन दोनों के पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने पर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के समूल नाश की दिशा में चलने वाले इस राष्ट्रीय स्तर के अभियान में बड़ी जीत है। उन्होंने कहा कि मैं सोचता हूं कि नक्सलवाद के समापन के लिए जो अभियान है, उसके अंतिम पड़ाव पर हम पहुंच चुके हैं। 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का समूल नाश बिल्कुल हो जाएगा। देवजी का पुनर्वास बहुत बड़ी घटना है।

बता दें कि देवजी के आत्मसमर्पण करने से प्रतिबंधित कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) को सबसे बड़ा झटका लगा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को देवजी ने संयुक्त आदिलाबाद जिले के आसिफाबाद जंगलों में पुलिस के सामने सरेंडर किया है। देवजी के साथ 16 और माओवादियों ने भी हथियार डाले हैं।

देवजी पिछले साल मई में छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए नंबाला केशव राव उर्फ ​​बसवराजू की हत्या के बाद से संगठन का नेतृत्व कर रहा था। हालांकि पुलिस ने अभी तक आत्मसमर्पण की पुष्टि नहीं की है। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को सोमवार को मीडिया के सामने पेश किए जाने की संभावना है।

देवजी सबसे वांछित माओवादी नेताओं में से एक था। तेलंगाना के पेद्दापल्ली जिले का रहने वाला देवजी सीपीआई (माओवादी) के केंद्रीय समिति सदस्य और पुलिस ब्यूरो सदस्य था। उस पर 25 लाख रुपये का इनाम था। वह तेलंगाना के उन 17 माओवादी नेताओं में से एक था जो देश भर में सीपीआई (माओवादी) की विभिन्न समितियों में महत्वपूर्ण पदों पर थे। पिछले महीने, तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक बी. शिवधर रेड्डी ने उससे आत्मसमर्पण करने की अपील की थी।