पटना, 26 फरवरी (आईएएनएस)। बिहार सरकार में मंत्री जमा खान ने एआईएमआईएम नेता मुफ़्ती इस्माइल के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि टैलेंटेड खिलाड़ियों को खेलने से कोई रोक नहीं सकता है।
टी-20 विश्व कप में सुपर-8 के पहले मुकाबले में भारत को साउथ अफ्रीका के सामने बुरी हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद खेल पर राजनीति हावी हो गई है। एआईएमआईएम नेता मुफ़्ती इस्माइल का दावा है कि टीम इंडिया से मुस्लिम खिलाड़ियों को बाहर रखा जा रहा है, जिसकी वजह से भारत को हार का सामना करना पड़ा।
आईएएनएस से बातचीत में एआईएमआईएम नेता मुफ़्ती इस्माइल ने कहा कि मुस्लिम कम्युनिटी के टैलेंटेड प्लेयर्स को साइडलाइन किया जा रहा है। मुस्लिम प्लेयर्स को टीम से बाहर रखा जा रहा है। इसी वजह से टीम हाल ही में हारी। इसकी वजह यह है कि काबिल मुस्लिम प्लेयर्स को बेंच पर बैठा दिया गया, जबकि दूसरों को रिकमेंडेशन के आधार पर चुना गया।
एआईएमआईएम नेता मुफ़्ती इस्माइल के बयान पर पलटवार करते हुए बिहार सरकार में मंत्री जमा खान ने कहा कि ऐसा नहीं है। अगर कोई टैलेंटेड है, तो उसे कोई नहीं रोक सकता है। हमारे समाज से बहुत सारे लोग टीम इंडिया के लिए खेले हैं।
बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर राजद नेता तेजस्वी यादव के बयान पर मंत्री जमा खान ने कहा कि वह कुछ नया नहीं कह रहे हैं, वह वही बातें दोहरा रहे हैं। यह उनके बोलने का हमेशा का घमंडी तरीका है। वह सिर्फ बुराई करना जानते हैं, उन्हें असली काम से कोई लेना-देना नहीं है। वे उस नेता पर आरोप लगा रहे हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन बिहार के लिए समर्पित कर दिया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बिहार दौरे पर मंत्री जमा खान ने कहा कि वे इसलिए आए हैं क्योंकि उन्हें बिहार के विकास की चिंता है।
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे के बयान पर जमा खान ने कहा कि उनके पास सही जानकारी नहीं है। ऐसे झूठे बयान देश को नुकसान पहुंचाते हैं और ऐसे बयान नहीं देने चाहिए। मदरसे का मतलब ‘इल्म’ होता है, जहां लोग शिक्षा पाते हैं। लोगों को मदरसों के बारे में सीखना चाहिए। हर मदरसा गलत नहीं होता।

