नई दिल्ली, 27 फरवरी (आईएएनएस)। भारत और इटली ने रक्षा सहयोग को द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी का प्रमुख स्तंभ बताया है। दोनों देशों ने रक्षा औद्योगिक तंत्रों के बीच समन्वय, परस्पर जुड़ाव और तकनीकी सहयोग को बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की है। यह जानकारी भारत के रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार की रोम में मौजूदगी के दौरान सामने आई।
वह शुक्रवार को इटली की राजधानी में थे। वह इटली आधिकारिक यात्रा पर आए हैं। यात्रा के दौरान रक्षा उत्पादन सचिव ने इटली के रक्षा मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारियों व सैन्य नेतृत्व से मुलाकात की। यहां उनकी मुलाकात इटली के अवर सचिव मातेओ पेरेगो दी क्रेमनागो, राष्ट्रीय आयुध निदेशक एडमिरल जियाचिन्तो ओत्तावियानी तथा इटली की सशस्त्र सेनाओं के प्रमुख जनरल लुसियानो पोर्तोलानो से हुई।
रक्षा विशेषज्ञ इन मुलाकातों को काफी महत्वपूर्ण बैठकें मान रहे हैं। इटली के रक्षा मंत्रालय के अवर सचिव के साथ हुई बैठक में दोनों देशों ने सुदृढ़ और विश्वसनीय रक्षा आपूर्ति शृंखलाओं पर बात की। आपूर्ति शृंखलाओं के निर्माण के लिए उद्योगों के बीच साझेदारी को प्रोत्साहित करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों पक्षों ने माना कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भरोसेमंद आपूर्ति तंत्र और औद्योगिक सहयोग अत्यंत आवश्यक है। राष्ट्रीय आयुध निदेशक और इटली की सशस्त्र सेनाओं के प्रमुख के साथ हुई बैठकों में भारत और इटली ने रक्षा सहयोग को द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी का प्रमुख स्तंभ बताया।
दोनों देशों ने रक्षा औद्योगिक तंत्रों के बीच समन्वय, परस्पर जुड़ाव और तकनीकी सहयोग को बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। रक्षा उत्पादन सचिव ने यहां भारत-इटली रक्षा उद्योग संगोष्ठी में मुख्य भाषण भी दिए। इस संगोष्ठी में भविष्य उन्मुख साझेदारी के लिए रूपरेखा प्रस्तुत की गई। संजीव कुमार ने इटली की इस यात्रा के दौरान अधिकारियों को भारत में रक्षा खरीद संबंधी नीतिगत ढांचे, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के नियमों तथा रक्षा औद्योगिक गलियारों की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने भारतीय रक्षा निर्माण क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों और सुधारों से मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। दोनों पक्षों ने जनवरी 2026 में हस्ताक्षरित भारत-यूरोपीय संघ सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे यूरोपीय संघ की रक्षा आपूर्ति शृंखलाओं में भारतीय रक्षा कंपनियों की भागीदारी के नए अवसर खुलेंगे। भारत और इटली के रक्षा उद्योगों के बीच व्यापार से व्यापार स्तर की लक्षित बैठकें आयोजित की गईं। इनमें संयुक्त उपक्रम, प्रौद्योगिकी साझेदारी तथा सह-निर्माण की संभावनाओं पर मंथन किया गया।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इस संगोष्ठी ने भारतीय रक्षा विनिर्माता संघ और इतालवी रक्षा उद्योग महासंघ के बीच संस्थागत सहयोग को भी सुदृढ़ किया। दोनों संगठनों के बीच अप्रैल 2025 में रोम में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे। इटली स्थित भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित एक परिचर्चा एवं स्वागत समारोह ने सरकारी अधिकारियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों को संवाद आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान किया। यहां भारतीय रक्षा विनिर्माता संघ व उद्योग प्रतिनिधिमंडल भी साथ थे। इस प्रतिनिधिमंडल में सार्वजनिक क्षेत्र के रक्षा उपक्रमों, निजी उद्योगों, लघु एवं मध्यम उद्यमों तथा नवप्रवर्तनशील उद्यमों के प्रतिनिधि शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी यात्रा के दौरान इटली की प्रमुख रक्षा कंपनियों का भी दौरा किया। वार्ता में संयुक्त उपक्रम, सह-विकास और सह-उत्पादन के अवसरों पर विशेष बल दिया गया, ताकि दोनों देशों के रक्षा औद्योगिक तंत्रों के बीच समन्वय का पूरा लाभ उठाया जा सके। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा भारत और इटली के बीच गहराते रक्षा सहयोग को दर्शाती है।

