Monday, June 8, 2026
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चंडीगढ़ में सीपीए सम्मेलन को संबोधित करेंगे दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता

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नई दिल्ली, 8 जून (आईएएनएस)। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता सोमवार को चंडीगढ़ में आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (सीपीए) इंडिया रीजन जोन-2 नॉर्थ जोन सम्मेलन को संबोधित करेंगे।

एक अधिकारी के अनुसार, “जागरूक समाज और जनप्रतिनिधियों की भूमिका: भविष्य की चुनौतियों और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करना” विषय पर आधारित यह सम्मेलन 8 और 9 जून को हरियाणा विधानसभा में आयोजित किया जा रहा है।

दो दिवसीय इस क्षेत्रीय सम्मेलन में उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों के पीठासीन अधिकारी, विधानसभा अध्यक्ष और विधायक शामिल होंगे। सम्मेलन का उद्देश्य विकसित भारत 2047 के दीर्घकालिक राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप विधायी प्रयासों पर चर्चा करना है।

बयान में कहा गया है कि यह सम्मेलन संसदीय संस्थाओं को मजबूत बनाने, आधुनिक विधायी प्रक्रियाओं को बेहतर करने और क्षेत्र में लोकतांत्रिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा।

कार्यक्रम में प्रमुख जनप्रतिनिधियों और नीति-निर्माताओं को एक साथ लाकर जनता और निर्वाचित प्रतिनिधियों के बीच सार्थक संवाद को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। इसमें प्रतिभागी भविष्य की सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों पर चर्चा करेंगे और तेजी से विकसित हो रहे देश की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रभावी शासन व्यवस्था के मॉडल तैयार करेंगे।

दिल्ली विधानसभा का प्रतिनिधित्व करते हुए विजेंद्र गुप्ता इन उच्चस्तरीय सत्रों में सक्रिय रूप से भाग लेंगे। वह नागरिकों को सशक्त बनाने और विधायी प्रक्रिया में जनभागीदारी बढ़ाने से जुड़े अपने विचार साझा करेंगे।

बयान के अनुसार, संसदीय कार्यप्रणाली की बेहतर परंपराओं और अनुभवों के आदान-प्रदान के माध्यम से सम्मेलन में शामिल गणमान्य व्यक्ति जनप्रतिनिधियों के लिए एक मजबूत कार्ययोजना तैयार करने का प्रयास करेंगे, ताकि क्षेत्रीय मुद्दों का प्रभावी समाधान हो सके और जागरूक समाज तथा समर्पित जनप्रतिनिधि मिलकर 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल कर सकें।

इससे पहले विजेंद्र गुप्ता ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ मिलकर दिल्ली विधानसभा की त्रैमासिक पत्रिका ‘विधान-चेतना’ के पहले अंक का विमोचन किया था। इसके साथ ही 1924 से 1930 तक की केंद्रीय विधानसभा की कार्यवाहियों के 89 खंडों के प्रकाशन का भी लोकार्पण किया गया था।

दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि यह ऐतिहासिक कार्यक्रम भारत की समृद्ध संसदीय विरासत और आधुनिक विधायी विकास के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का काम करता है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करने वाले गुप्ता ने कहा कि यह समारोह संस्थागत इतिहास को संरक्षित करने और आधुनिक लोकतांत्रिक संवाद को बढ़ावा देने की गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।