भोपाल/बड़वानी, 2 मार्च (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को होली के अवसर पर राज्यवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि लोग होली उत्साह के साथ मनाएं, लेकिन सुरक्षा और कानून व्यवस्था का ध्यान रखें और स्कूली बच्चों की चल रही परीक्षाओं का भी ध्यान रखें।
मुख्यमंत्री ने बड़वानी में मीडिया से बातचीत में कहा, “होली खुशी और उत्साह के साथ मनाई जाएगी, लेकिन राज्य में स्कूल की परीक्षाएं भी चल रही हैं। यह हमारे बच्चों के भविष्य से जुड़ा मामला है, इसलिए त्योहार मनाते समय इन सभी बातों का ध्यान रखना जरूरी है।”
कक्षा 10 और 12 की परीक्षाएं 13 फरवरी से शुरू हुईं और 6 मार्च को समाप्त होंगी।
मुख्यमंत्री बाद में पारंपरिक भगोरिया महोत्सव में भी शामिल हुए। यह महोत्सव झाबुआ, अलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी और धार जिलों में आदिवासी समुदायों में होली के त्योहार की शुरुआत का प्रतीक है। यह त्योहार वसंत ऋतु की शुरुआत का संकेत देता है। यह भारत और विदेश से पर्यटकों को आकर्षित करता है। यह महोत्सव सात दिन तक चलता है और सोमवार को आखिरी दिन था।
रविवार रात को मुख्यमंत्री ने डीजीपी कैलाश मकवाना और एडीजी इंटेलिजेंस ए. साई मनोहर सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की बैठक की और होली के त्योहार की तैयारियों और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। वीडियो कॉन्फ्रेंस में सभी रेंज आईजी, डीआईजी, पुलिस कमिश्नर और एसपी शामिल हुए और अपने क्षेत्र में किए गए इंतजामों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि त्योहार के दौरान सतर्कता बनाए रखें और हर अप्रिय घटना पर नजर रखें। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों को कहा कि अपने क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था और जनता की सुरक्षा पर कड़ी निगरानी रखें और किसी तरह की लापरवाही न होने दें।
सीएम ने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में वह पुलिस थानों का आकस्मिक निरीक्षण करेंगे। पुलिस थानों को उनके कामकाज और जनता की प्रतिक्रिया के आधार पर ग्रेड दिया जाएगा। कानून और व्यवस्था के लिए किए गए सभी कार्य पूरी तरह पारदर्शी होने चाहिए। चल रही परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए, अधिकारियों को सभी परीक्षा केंद्रों और छात्रावासों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा, “त्योहारों के दौरान अत्यधिक संवेदनशीलता दिखानी होगी। पुलिस को किसी भी घटना या दुर्घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया सुनिश्चित करनी होगी। छोटे-छोटे मामलों को भी तुरंत सुलझाया जाना चाहिए। ‘ड्राई डे’ नियमों का सख्ती से पालन होना चाहिए। सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रशासनिक इंतजाम और कड़े करने के निर्देश दिए गए हैं।”

