भारत की प्राथमिकता शांति और नागरिकों की सुरक्षा: भाजपा सांसद मनन मिश्रा

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पटना, 2 मार्च (आईएएनएस)। मिडिल ईस्ट में गहराते संकट और वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से टेलीफोन पर बातचीत कर मौजूदा हालात पर चर्चा की। इस घटनाक्रम पर भाजपा सांसद मनन मिश्रा ने कहा कि भारत एक शांतिप्रिय देश है और उसकी विदेश नीति का मूल आधार विश्व शांति, संवाद और कूटनीतिक समाधान है।

उन्होंने कहा कि भारत की प्राथमिकता हमेशा यह रही है कि दुनिया में अमन-चैन कायम रहे और किसी भी प्रकार का संघर्ष जल्द से जल्द समाप्त हो।

मनन मिश्रा ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हम शांतिप्रिय लोग हैं। हमारा देश शांति चाहता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार के सभी मंत्री इस मामले को लेकर गंभीर हैं। मौजूदा स्थिति पर केंद्र सरकार की लगातार नजर बनी हुई है। भारत के नागरिक जहां भी हैं, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह युद्ध जल्द समाप्त होना चाहिए और बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शांति और स्थिरता का समर्थन किया है और मौजूदा संकट में भी वही नीति अपनाई जा रही है।

विश्व में बढ़ती अशांति और सुरक्षा के मुद्दे पर संभावित कैबिनेट बैठक को लेकर पूछे गए सवाल पर भाजपा सांसद ने कहा कि जब पड़ोसी क्षेत्रों या विश्व के किसी हिस्से में अस्थिरता बढ़ती है तो देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पूरी गंभीरता के साथ स्थिति की समीक्षा करते हैं। सरकार का पहला दायित्व देश की सुरक्षा और विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अपने देश के जो नागरिक जहां भी हैं, उनकी सुरक्षा सबसे पहले है। देश की आंतरिक सुरक्षा और वैश्विक शांति हमारी विदेश नीति का मूल आधार है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा 6 मार्च को एसआईआर के मुद्दे पर प्रस्तावित धरना प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए मनन मिश्रा ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी एसआईआर को लेकर अनावश्यक राजनीतिक माहौल बना रही हैं। वह इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गईं। एसआईआर चुनाव में पारदर्शिता के लिए बहुत जरूरी है, यह सभी जानते हैं और चुनाव आयोग को इस पर हरी झंडी मिली है।

भाजपा सांसद मनन मिश्रा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री एसआईआर को चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही हैं, जबकि यह प्रक्रिया चुनाव व्यवस्था को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए आवश्यक है। उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनाव में पश्चिम बंगाल की जनता बदलाव चाहती है। ममता बनर्जी की कुर्सी इस बार जानी तय है। टीएमसी की सरकार जाएगी और पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी।