यूएस ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी का खुलासा किया, 24 घंटे में ईरान के एक हजार से अधिक ठिकानों पर हमला

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वॉशिंगटन, 2 मार्च (आईएएनएस)। संयुक्त राज्य अमेरिका ने सोमवार को ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के पैमाने का खुलासा किया। इसमें एक कोऑर्डिनेटेड एयर, नौसैनिक, साइबर और स्पेस अभियान का विवरण दिया गया, जिसने पहले 24 घंटों में ईरान के एक हजार से अधिक लक्ष्यों पर हमला किया। इसमें हजारों कर्मी, कैरियर स्ट्राइक ग्रुप और लंबी दूरी के बॉम्बर शामिल थे।

सैनिक कर्मचारियों के संयुक्त प्रमुख समिति के अध्यक्ष, एयर फोर्स जनरल डैन कैन ने बताया कि यह अभियान महीनों और वर्षों की योजना का परिणाम है।

पेंटागन में युद्ध सचिव पीट हेगसेथ के साथ एक जॉइंट न्यूज कॉन्फ्रेंस में बात करते हुए एयर फोर्स जनरल ने कहा कि जमीन, समुद्र, फाइटर, टैंकर, एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग, इलेक्ट्रॉनिक अटैक, राज्यों के बॉम्बर और बिना पायलट वाले प्लेटफॉर्म से 100 से ज्यादा एयरक्राफ्ट लॉन्च किए गए।

उन्‍होंने बताया क‍ि यूएस सेंट्रल कमांड ने इस ऑपरेशन की शुरुआत 28 फरवरी को पूर्वी मानक समय 01:15 बजे राष्ट्रपति के अनुमोदन के बाद की। शुरुआती फेज में एक बहुत बड़ा और जबरदस्त हमला क‍िया गया। पहले 24 घंटों में एक हजार से ज्‍यादा टारगेट पर हमला क‍िया गया।

कैन ने अपने बयान में हमले से पहले बनाई गई फोर्स की तैयारी के बारे में डिटेल दी। उन्होंने कहा कि पिछले 30 दिनों में जॉइंट फोर्स ने पूरे इलाके में एसेट्स और लोगों को सिस्टमैटिक तरीके से फिर से तैनात करना शुरू कर दिया, ताकि रोकथाम को मजबूत किया जा सके और अगर कार्रवाई की जरूरत पड़ी तो भरोसेमंद ऑप्शन दिए जा सके।

इस तैनाती में सभी शाखाओं के हजारों सेवा सदस्य, सैकड़ों उन्नत चौथी और पांचवीं पीढ़ी के फाइटर, दर्जनों रिफ्यूलिंग टैंकर, लिंकन और फोर्ड कैरियर स्ट्राइक ग्रुप और उनके एयर विंग लगातार हमलों के लिए गोला-बारूद, ईंधन और आपूर्ति में शामिल थे।

कैन ने रिजर्व और नेशनल गार्ड बलों के समन्वय पर भी जोर दिया, जिसमें कुवैत और इराक में ऑपरेटिंग विस्कॉन्सिन आर्मी नेशनल गार्ड और मिशन का समर्थन करने के लिए एफ-35ए विमान अटलांटिक पार भेजने वाले वर्मोंट एयर नेशनल गार्ड के 158वें फाइटर विंग का उल्लेख किया।

कैन ने कहा क‍ि इस ऑपरेशन में काइनेटिक स्ट्राइक के साथ साइबर और अंतरिक्ष संचालन को जोड़ा गया। पहले हमलावर यूएस साइबरकॉम और यूएस स्पेसकॉम थे, जिन्होंने गैर-काइनेटिक प्रभाव डाले, ईरान की देखने, संचार करने और प्रतिक्रिया देने की क्षमता को बाधित और अवरुद्ध किया।

अमेरिकी बी-2 बॉम्बर ने महाद्वीपीय अमेरिका से 37 घंटे का राउंड-ट्रिप मिशन किया और अंडरग्राउंड जगहों पर बम गिराए। लगभग 57 घंटों में संयुक्त बल ने भूमि और समुद्र से सैकड़ों मिशन लॉन्च किए और हजारों गोला-बारूद वितरित किए।

कैन ने कतर, यूएई, कुवैत, जॉर्डन और सऊदी अरब में मित्रवत वायु रक्षा बैटरियों का उल्लेख किया, जिन्होंने “लड़ाई में शामिल होकर यह प्रमाणित किया कि वर्षों की ट्रेनिंग, विश्वास और कड़ी मेहनत का समन्वय लाभकारी है।”

उन्होंने कहा, “यह काम अभी शुरू हुआ है और जारी रहेगा।”