नई रणनीतिक साझेदारी बना रहे हैं कनाडा और भारत : प्रधानमंत्री मार्क कार्नी

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वाशिंगटन, 4 मार्च (आईएएनएस)। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि कनाडा और भारत एनर्जी, इनोवेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समेत प्रमुख सेक्टर में एक नई रणनीतिक साझेदारी बना रहे हैं, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक सहयोग को दर्शाता है।

सिडनी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि भारत के साथ गहन जुड़ाव बदलती वैश्विक परिस्थितियों और दोनों देशों की आर्थिक व तकनीकी संबंधों को बढ़ाने की महत्वाकांक्षाओं को दर्शाता है। भारत की अपनी ऐतिहासिक यात्रा खत्म करने के एक दिन बाद उन्होंने कहा, “कनाडा और भारत ऊर्जा, प्रतिभा, नवाचार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता में एक नई रणनीतिक साझेदारी बना रहे हैं।”

कार्नी ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक समझौता द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने में केंद्रीय भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा, “इस साझेदारी की नींव नया व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता है, जिसे हम इस साल पूरा करना चाहते हैं।”

कनाडाई प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में हाल की वार्ताओं से पहले ही बड़े वाणिज्यिक समझौते हो चुके हैं। उन्होंने कहा, “भारत में हमने 5 अरब डॉलर से अधिक के वाणिज्यिक समझौते किए।”

उन्होंने यह भी कहा कि इन समझौतों से कनाडाई और भारतीय बिजनेस के बीच सहयोग बढ़ेगा व दोनों देशों में निवेश आएगा। कार्नी ने कहा, “ये समझौते 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 70 अरब डॉलर से अधिक करने में मदद करेंगे।”

ऊर्जा सहयोग भी बढ़ती साझेदारी का हिस्सा है, जिसमें नागरिक परमाणु ऊर्जा में सहयोग शामिल है। उन्होंने कहा, “भारत सरकार और केओ का 2.6 बिलियन डॉलर का यूरेनियम आपूर्ति समझौता भारत के नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को स्वच्छ, विश्वसनीय आधारभूत ऊर्जा प्रदान करने में समर्थन करेगा।”

कार्नी ने एजुकेशन और इनोवेशन में सहयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, “हमने अपनी बड़ी यूनिवर्सिटी के बीच 13 शैक्षिक साझेदारियों के समर्थन से कनाडा-भारत टैलेंट और इनोवेशन स्ट्रैटेजी भी लॉन्च की है।”

प्रधानमंत्री कार्नी ने कहा कि हाल के महीनों में दोनों सरकारों के बीच जुड़ाव काफी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों की तुलना में पिछले एक वर्ष के दौरान कनाडा और भारतीय सरकारों के बीच अधिक जुड़ाव हुआ है। कार्नी ने कहा कि नया जुड़ाव बदलती वैश्विक परिस्थितियों और दोनों देशों की साझेदारी को विविधित करने की महत्वाकांक्षाओं को दर्शाता है।