Friday, June 26, 2026
SGSU Advertisement
Home अंतर्राष्ट्रीय प्रदूषण, कचरा प्रबंधन और जलवायु पर भारत-फिनलैंड मिलकर करेंगे काम, एमओयू रिन्यू

प्रदूषण, कचरा प्रबंधन और जलवायु पर भारत-फिनलैंड मिलकर करेंगे काम, एमओयू रिन्यू

0
21

नई दिल्ली, 5 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में फिनलैंड की समकक्ष सारी मुल्ताला से मुलाकात की। इस बैठक में भारत और फिनलैंड के बीच पर्यावरण सहयोग पर समझौता ज्ञापन (एमओयू) को रिन्यू किया गया।

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर एक पोस्ट में ल‍िखा, ”उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि भारत ने 2020 में साइन किए गए एमओयू को रिन्यू किया है। इससे प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण, कचरा प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन, वन तथा प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के क्षेत्रों में ज्ञान और प्रौद्योगिकी सहयोग के माध्यम से दोनों देशों के बीच सहयोग और गहरा होगा।”

यह नया एमओयू हवा और पानी के प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण (दूषित मिट्टी के उपचार सहित), कचरा प्रबंधन (खतरनाक कचरा, कचरे से ऊर्जा और रीसाइक्लिंग सहित), प्राकृतिक संसाधनों और जंगलों के उपयोग में सर्कुलर अर्थव्यवस्था और कम कार्बन समाधान, जलवायु परिवर्तन को कम करने और अपनाने, पर्यावरण और जंगलों की निगरानी (डेटा प्रबंधन सहित), समुद्री और तटीय संसाधनों का संरक्षण और सस्टेनेबल इस्तेमाल और इंटीग्रेटेड वॉटर रिसोर्स मैनेजमेंट और दोनों देशों के बीच सहयोग और सर्वोत्तम तरीकों के आदान-प्रदान के लिए एक स्ट्रक्चर्ड फ्रेमवर्क प्रदान करना जारी रखेगा।

दोनों पक्षों ने फोकस्ड बातचीत और जॉइंट इनिशिएटिव के जरिए सर्कुलर इकॉनमी पर सहयोग के मौकों पर भी चर्चा की।

सारी मुल्ताला फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के साथ भारत के वर्तमान दौरे पर आई मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को हैदराबाद हाउस में फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्डेंजर स्टब के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं ने डिजिटलीकरण, स्थिरता, स्वच्छ ऊर्जा, क्वांटम कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने तथा रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र में भी साझेदारी को गहरा करने पर सहमति जताई।

वार्ता के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त प्रेस वक्तव्य को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और फिनलैंड ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को डिजिटलीकरण और स्थिरता पर केंद्रित रणनीतिक साझेदारी के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है, जिससे उच्च-प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में सहयोग तेज होगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत और फिनलैंड जैसे लोकतांत्रिक देशों के बीच भरोसेमंद साझेदारी से विश्वसनीय तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र और मजबूत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।