चंडीगढ़, 10 मार्च (आईएएनएस)। पंजाब पुलिस की साइबर क्राइम डिवीजन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो सोशल मीडिया पर महिलाओं की फर्जी पहचान बनाकर लोगों को ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठते थे।
पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने मंगलवार को इस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह गिरोह सोशल मीडिया पर फर्जी महिला प्रोफाइल बनाकर लोगों से दोस्ती करता था और बाद में उन्हें धमकी देकर पैसे वसूलता था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी वॉइस चेंजिंग सॉफ्टवेयर और एआई तकनीक का इस्तेमाल कर खुद को महिला के रूप में पेश करते थे। इसके बाद वे पीड़ितों को एआई से तैयार किए गए आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उनसे पैसे वसूलते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में नकदी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। बरामदगी में 3.49 लाख रुपए नकद, 500 अमेरिकी डॉलर, 29 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक टैबलेट, एक डोंगल और 38 खाली मोबाइल फोन के बॉक्स शामिल हैं।
कार्रवाई के बाद स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और संभावित पीड़ितों की पहचान करने में जुटी हुई है। डीजीपी यादव ने आगे कहा कि पंजाब पुलिस साइबर अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है और नागरिकों के लिए सुरक्षित डिजिटल वातावरण सुनिश्चित करने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
इससे पहले, एक अन्य कार्रवाई की जानकारी देते हुए डीजीपी गौरव यादव ने सोमवार को बताया कि ट्रांस-बॉर्डर नारकोटिक्स स्मगलिंग के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी में काउंटर इंटेलिजेंस अमृतसर ने 9 किलो हेरोइन के साथ एक ड्रग तस्कर को पकड़ा है। शुरुआती जांच से पता चला है कि आरोपी पाकिस्तान-बेस्ड स्मगलर के कॉन्टैक्ट में था और पंजाब में आगे डिस्ट्रीब्यूशन के लिए पाक-बेस्ड हैंडलर्स के इंस्ट्रक्शन पर काम कर रहा था।

