नई दिल्ली, 13 मार्च (आईएएनएस)। देश की राजधानी राष्ट्रीय दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में पूर्वोत्तर महिला के साथ हुए अशोभनीय व्यवहार और मारपीट के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने स्वत: संज्ञान लिया।
एनएचआरसी ने यह जानकारी अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर दी है, जिसमें कहा गया है कि मानवाधिकार आयोग ने इस पूरे प्रकरण पर स्वत: संज्ञान लेकर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है।
आयोग ने दिल्ली पुलिस से मामले में दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। इस रिपोर्ट में प्रमुख रूप से पीड़िता के स्वास्थ्य और अब तक इस मामले में क्या कुछ कार्रवाई की गई है, इसके बारे में पूरी जानकारी मांगी गई है।
इसके अलावा, आयोग की तरफ से जारी की गई पोस्ट में घटना के बारे में भी पूरी जानकारी दी गई है। एनएचआरसी के मुताबिक, दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में मणिपुर की कुछ महिलाओं पर एक लड़कों का समूह अशोभनीय टिप्पणी कर रहा था, जिसका इन महिलाओं ने विरोध किया और इसके बाद पूरी स्थिति मारपीट में तब्दील हो गई।
वहीं, मानवाधिकार आयोग ने मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि यह घटना 10 मार्च की है, जब पीड़िता अपने कुछ दोस्तों के साथ एक पार्क में तस्वीरें ले रही थीं, तभी वहां पर मौजूद लड़कों के एक समूह ने उन पर अशोभनीय टिप्पणी की, जिसका उन्होंने विरोध किया।
इससे पहले, मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने इस घटना की निंदा करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों से सख्त कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए कहा था कि भारत में पूर्वोत्तर के लोगों पर बार-बार हो रहे हमलों से मैं बहुत आहत हूं। दिल्ली के साकेत कोर्ट के पास मणिपुर और असम के हमारे दो लोगों पर हुआ शारीरिक हमला बेहद निंदनीय है। नस्लीय उत्पीड़न को सामान्य स्थिति नहीं माना जाना चाहिए और हमें इसके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। मैं अधिकारियों से आग्रह करता हूं कि वे कड़ी कार्रवाई करें।

