दिल्ली: युवक से 1 लाख रुपए की ठगी में दो आरोपी गिरफ्तार, इस तरह देते थे धोखा

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नई दिल्ली, 14 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली के साउथ वेस्ट जिले के वसंत कुंज इलाके में पुलिस ने दो ऐसे शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है जो लोगों को झांसे में लेकर उनसे पैसे और मोबाइल फोन ठग लिया करते थे। ये दोनों आरोपी लोगों से दोस्ती का नाटक करते, उनका भरोसा जीतते और फिर चालाकी से उन्हें अपना शिकार बना लेते थे।

पुलिस के मुताबिक, इन आरोपियों ने खास तौर पर बाहर से काम करने आए लोगों को निशाना बनाया। इस मामले में वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन की टीम ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों सूरज और हनी को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, 16 फरवरी 2026 को थाने में एक पीसीआर कॉल आई थी। कॉल करने वाले युवक ने बताया कि महिपालपुर चौक के पास दो लड़कों ने उसे धमकाकर उसका मोबाइल और फरार हो गए हैं।

मूल रूप से चंपावत जिला (उत्तराखंड) का रहने वाला युवक पी.एस. बोहरा दिल्ली के महिपालपुर इलाके के एक होटल में वेटर का काम करता है। उसने पुलिस को बताया कि वह दोपहर करीब एक बजे अपने गांव जाने के लिए बस पकड़ने के लिए महिपालपुर बस स्टैंड पहुंचा था। वहीं उसकी मुलाकात एक युवक से हुई। बातचीत के दौरान उसने कहा कि उसे तुरंत 30 हजार रुपए चाहिए और बदले में वह उतनी ही रकम ऑनलाइन ट्रांसफर कर देगा।

युवक की बातों में आकर पीड़ित पास के एक एटीएम से पैसे निकालने चला गया। उसने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से 30 हजार रुपए निकाले और उस युवक को दे दिए। इसके बाद आरोपी ने कहा कि वह पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर कर रहा है और उसे अपना मोबाइल नंबर दे दे ताकि वह ट्रांजैक्शन दिखा सके। पीड़ित ने भरोसा करके अपना फोन भी उसे दे दिया। आरोपी ने फोन लेते ही कहा कि वह अपने साथी को ट्रांजैक्शन दिखाकर आता है, जो पास में मोटरसाइकिल पर खड़ा है। इतना कहकर वह वहां से भाग गया।

जब तक पीड़ित को समझ में आता, दोनों आरोपी मोटरसाइकिल पर बैठकर फरार हो चुके थे। इसके बाद युवक ने अपने दोस्त के फोन से 112 नंबर पर कॉल करके पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। बाद में जब उसने अपने बैंक खाते की जांच की तो पता चला कि उसके खाते से 70 हजार रुपए और ऑनलाइन ट्रांसफर कर लिए गए हैं। इस मामले में पुलिस ने वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक विशेष टीम बनाई। इस टीम की निगरानी इंस्पेक्टर बलबीर सिंह कर रहे थे, जबकि टीम में एएसआई अशोक कौशिक, हेड कांस्टेबल गौरव, हेड कांस्टेबल सोनू कुमार और कांस्टेबल मिथुन व दिनेश को शामिल किया गया। पुलिस ने सबसे पहले उस यूपीआई आईडी की जानकारी जुटाई, जिसमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे। इसके बाद बैंक खाते और उससे जुड़े लोगों की जानकारी निकाली गई। पुलिस ने इसके साथ-साथ अलग-अलग इलाकों में जाकर पूछताछ भी की। लगातार जांच और तलाश के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।

जांच में सामने आया कि आरोपी सूरज और हनी लंबे समय से इसी तरह लोगों को निशाना बना रहे थे। उनका तरीका भी काफी चालाकी भरा था। दोनों आरोपी खास तौर पर महिपालपुर इलाके में ऐसे लोगों को ढूंढते थे जो बाहर के राज्यों से दिल्ली में काम करने आते हैं। इनमें खास तौर पर उत्तराखंड, नेपाल और उत्तर-पूर्वी राज्यों के लोग शामिल होते थे। आरोपी इन लोगों से उनकी भाषा और अंदाज में बात करते थे, जिससे जल्दी भरोसा बन जाता था। इसके बाद वे खुद को आर्थिक परेशानी में फंसा हुआ बताकर मदद मांगते थे।

जब पीड़ित एटीएम से पैसे निकालने जाता था, तब आरोपी ध्यान से उसका एटीएम पिन देख लेते थे। फिर नकद पैसे लेने के बाद वे पीड़ित का मोबाइल फोन यह कहकर ले लेते थे कि वे ऑनलाइन ट्रांसफर दिखा रहे हैं। इसी बहाने वे फोन लेकर मौके से भाग जाते थे। बाद में मोबाइल फोन और एटीएम पिन की मदद से पीड़ित के बैंक खाते से ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर कर लेते थे।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी सूरज की उम्र 34 साल है और वह पहले भी चोरी और अन्य मामलों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ पहले से छह मामले दर्ज हैं और वह शकूरपुर इलाके में एक छोटा सा चाइनीज फूड स्टॉल चलाता है। वहीं दूसरा आरोपी हनी 20 साल का है और रोहिणी के बेगमपुर इलाके का रहने वाला है। वह मजदूरी करता है।

पुलिस ने बताया कि इन दोनों की गिरफ्तारी से दो ई-एफआईआर और भी सुलझाई गई हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की आगे जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन आरोपियों ने अब तक कितने लोगों को इसी तरह अपना शिकार बनाया है।