जैसलमेर, 14 मार्च (आईएएनएस)। जैसलमेर जिले में व्यावसायिक (कमर्शियल) गैस सिलेंडरों के वितरण में लंबे समय से चल रही धांधली और अनियमितताओं के खिलाफ जिला प्रशासन ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई की। जिला कलेक्टर प्रताप सिंह के सख्त निर्देश पर रसद विभाग की टीम ने सायरा फोर्ट होटल के पास स्थित ‘जैसलमेर भारत गैस एजेंसी’ के गोदाम पर अचानक छापेमारी की। जांच में बड़े पैमाने पर नियमों की धज्जियां उड़ते देख टीम ने तत्काल प्रभाव से गोदाम को सीज कर दिया।
जिला रसद अधिकारी (डीएसओ) रामसिंह मीणा के नेतृत्व में पहुंची टीम ने गोदाम के स्टॉक, रिकॉर्ड और दस्तावेजों की गहन जांच की। जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए। एजेंसी ने राज्य सरकार के स्पष्ट आदेशों का उल्लंघन करते हुए जिला प्रशासन की पूर्व अनुमति के बिना ही व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की धड़ल्ले से सप्लाई की जा रही थी।
उपभोक्ताओं का पूरा विवरण उपलब्ध नहीं था। गेट पास, बिलिंग और वितरण रजिस्टर में भारी खामियां और फर्जीवाड़ा पाया गया। कई मामलों में सिलेंडरों की संख्या और वितरण का रिकॉर्ड बिल्कुल मेल नहीं खा रहा था।
रसद विभाग के अनुसार, यह मामला न केवल सरकारी नियमों की अवहेलना है, बल्कि वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता की पूर्ण कमी को भी दर्शाता है। व्यावसायिक सिलेंडरों का गलत इस्तेमाल होने से घरेलू उपभोक्ताओं की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जो एक गंभीर चिंता का विषय है।
डीएसओ रामसिंह मीणा ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, “अब जिले में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों का वितरण मनमर्जी से नहीं चलेगा। भविष्य में इसकी पूरी प्रक्रिया जिला प्रशासन की सीधी निगरानी और लिखित अनुमति के अधीन ही संचालित होगी। उपभोक्ताओं के हितों से खिलवाड़ और नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्रवाई का घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ेगा। जिले में घरेलू सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और बुकिंग के अनुसार होम डिलीवरी नियमित रूप से जारी रहेगी।

