यूपी एटीएस ने मुरादाबाद से आईएसआईएस के ऑनलाइन मॉड्यूल से जुड़े बीडीएस छात्र को किया गिरफ्तार

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सहारनपुर, 17 मार्च (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) ने मुरादाबाद से 19 वर्षीय बीडीएस छात्र को आतंकवादी संगठन आईएसआईएस से जुड़े एक ऑनलाइन मॉड्यूल से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

पकड़ा गया छात्र हरीश अली सहारनपुर के थाना कुतुबशेर इलाके के मानकमऊ गांव का रहने वाला है। हरीश अली मुरादाबाद में रहकर न सिर्फ डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहा था, बल्कि आतंकी संगठन आईएसआईएस के ऑनलाइन मॉड्यूल के लिए काम करता था। एटीएस को हरीश अली के पास से आतंकी संगठन से जुड़े होने के सबूत हाथ लगे हैं।

यूपी एटीएस को विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिल रही थी कि उत्तर प्रदेश सहित भारत के कई राज्यों में कुछ लोग प्रतिबंधित आतंकी संगठन आईएसआईएस के आतंकी मॉड्यूल के सक्रिय सदस्य के रूप में काम कर रहे हैं। आईएसआईएस के आतंकी जिहाद व विभिन्न इनक्रिप्टेड एप्स, सेशन व डिसकॉर्ड आदि पर ग्रुप बनाए हुए हैं। इन ग्रुपों में ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने की मुहिम चलाई जा रही है।

आईएसआईएस को मजबूत करने के लिए उसकी प्रचार-सामग्री तथा उसके सैद्धांतिक विचारों और निर्देशों को साझा किया जा रहा है। भारत में आईएसआईएस के झंडे तले बड़ी आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए सुनियोजित षड्यंत्र रच रहे हैं।

मुखबिर की सटीक सूचना पर भौतिक एवं इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के माध्यम से पुष्टि होने पर एटीएस ने जनवरी में थाना एटीएस, लखनऊ में मुकदमा दर्ज किया था। एटीएस की टीम ने मुकदमे में नामजद हरीश अली को 15 मार्च को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया है।

एटीएस की जांच में सामने आया कि बीडीएस द्वितीय वर्ष के छात्र हरीश अली देश में अपने आईएसआईएस मॉड्यूल के हैंडलरों व आईएसआईएस के अपने अन्य मुजाहिद साथियों के साथ जुड़कर चुनी गई लोकतांत्रिक सरकार गिराकर खिलाफत व्यवस्था के अंतर्गत शरिया कानून लाना चाहता था।

बीडीएस छात्र ने सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म, इंस्टाग्राम व इनक्रिप्टेड ऐप्स यथा सेशन व डिसकॉर्ड आदि आईएसआईएस समर्थित ग्रुप बनाए थे और लोगों को जोड़ रहा था। इन ग्रुपों में वह आईएसआईएस की मीडिया चैनलों की पत्रिकाओं, प्रचार-प्रसार की सामग्रियों, इसकी सैद्धांतिक आतंकी विचारधाराओं व इसके मारे गए आतंकियों के चित्र, वीडियो व आडियो तथा इसके कुख्यात आतंकी के भाषणों को महिमामंडित करते हुए साझा करता था।

आरोपी छात्र का नेटवर्क भारत के साथ-साथ पाकिस्तान तथा विदेश के अन्य आईएसआईएस हैंडलरों के साथ भी था। भारत में आईएसआईएस के आतंकी मंसूबों को मजबूती से पूरा करने के लिए हारिश ने अपना एक अलग ग्रुप “अल इत्तिहाद मीडिया फाउंडेशन” भी बनाया था।

वह आईएसआईएस के सक्रिय सदस्य के रूप में आईएसआईएस के मीडिया एवं न्यूज चैनल अल-नाबा तथा उसकी प्रोपेगेंडा मैगजीन दबिक का अनुसरण करता था। हारिश लोकतांत्रिक व्यवस्था को नहीं मानता है और शरिया कानून लागू कर आईएसआईएस का जंग-ए-जेहाद व्यवस्था स्थापित करना चाहता था। इसके लिए वह ग्रुप्स में लोगों को फिदायीन हमले करने के लिए प्रेरित करता था।

वहीं, सहारनपुर के मानकमऊ स्थित हारिश के घर पर ताला जड़ा है। पड़ोसियों ने बताया कि आरोपी छात्र और उसका परिवार यहां पर बचपन से रहते हैं और कभी भी इस तरह की कोई गतिविधि देखने को नहीं मिली। माता-पिता दादा-दादी खेती-बाड़ी का काम करते थे, उसके भाई और बहन भी डॉक्टर हैं। छात्र सालभर में अपने घर पर आता था और घर के अंदर ही रहता था, कभी किसी से उसका मिलना जुलना नहीं रहा।