कोर्ट ने 2016 के शिक्षक उत्पीड़न मामले में मुंबई मेयर रितु तावड़े की जमानत याचिका खारिज की

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मुंबई, 18 मार्च (आईएएनएस)। कोर्ट से मुंबई की मेयर रितु तावड़े को एक बड़ा झटका लगा है। सत्र न्यायालय ने 2016 के चर्चित शिक्षक उत्पीड़न मामले में मेयर की जमानत याचिका खारिज कर दी है, जिससे उनके खिलाफ मुकदमा जारी रहेगा।

यह मामला सांताक्रूज के एक उर्दू स्कूल में हुई कथित झड़प से जुड़ा है। मेयर तावड़े और छह अन्य लोगों पर दो शिक्षकों के साथ मारपीट का आरोप है। बताया जाता है कि यह घटना कैंसर से पीड़ित एक शिक्षक के तबादले को लेकर हुई थी। तावड़े और सह-आरोपियों के खिलाफ मारपीट और संबंधित आरोपों के लिए संबंधित धाराओं के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की गई थी। 2016 की घटना ने उस समय स्थानीय राजनीति में तावड़े की प्रमुख भूमिका के कारण व्यापक ध्यान आकर्षित किया था।

मुंबई की वर्तमान मेयर तावड़े ने कोर्ट में सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए मामले से बरी होने की अपील की थी। हालांकि, अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयानों और आरोपों का समर्थन करने वाले अन्य ठोस सबूतों को सामने रखा। जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वाईपी मनथकर ने पाया कि कई चश्मदीदों ने घटना के समय मेयर तावड़े को घटनास्थल पर देखा था। इसके बाद अदालत ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा, “अन्य गवाहों ने भी याचिकाकर्ता रितु तावड़े को घटना के समय देखा था।” उन्होंने यह भी कहा कि जहां साक्ष्य से “गंभीर संदेह” उत्पन्न होता है, वहां आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़नी चाहिए।

अदालत के फैसले का मतलब है कि मुकदमा आगे बढ़ेगा और मेयर तावड़े को संभावित कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ सकता है जो शहर में चल रहे नगरपालिका प्रशासन के मुद्दों के बीच उनकी राजनीतिक स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं। रिपोर्ट के लिखे जाने तक तावड़े या उनकी कानूनी टीम से कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं मिली। महाराष्ट्र के राजनीतिक हलकों में इस मामले पर कड़ी नजर रखी जा रही है।