अयोध्या, 19 मार्च (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु बुधवार को अयोध्या दौरे पर पहुंचीं। राष्ट्रपति ने मंदिर परिसर की दूसरी मंजिल पर ‘श्री राम यंत्र’ और ‘श्री राम नाम मंदिर’ की स्थापना भी की। वहीं, एक कार्यक्रम में राष्ट्रपति उन 400 कार्यकर्ताओं को भी सम्मानित करेंगी, जिन्होंने मंदिर के निर्माण में अपना योगदान दिया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा राम मंदिर में श्री राम यंत्र की स्थापना के अवसर पर राम दरबार और सप्तऋषि मंदिरों की मूर्तियां बनाने वाले मूर्तिकार सत्यनारायण पांडे ने कहा, “यह अनुभूति शब्दों में बयां नहीं की जा सकती। यह एक ऐसा सौभाग्य है जो 500 वर्षों में एक बार आता है। हम और पूरा देश भाग्यशाली हैं। राम मंदिर के निर्माण की कामना करने वाला प्रत्येक भारतीय स्वयं को धन्य महसूस करेगा, क्योंकि यह भव्य आयोजन राष्ट्रपति मुर्मु की उपस्थिति में हो रहा है।”
आरएसएस नेता सुरेश भैयाजी जोशी ने कहा, “आज, मेरा मानना है कि राम मंदिर निर्माण की प्रक्रिया में यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण है। राष्ट्रपति द्वारा रामलला मंदिर में श्रीराम यंत्र स्थापित करना भारत और मंदिर के लिए स्वर्णिम अवसर है।
विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा, ”यह अत्यंत हर्ष का क्षण है। हमारी परंपरा में व्यक्ति चाहे कितना भी महान क्यों न हो, मूल्य, नैतिकता और धर्म सर्वोपरि हैं।”
अयोध्या पहुंचे राम मंदिर आंदोलन में शामिल एक कार्यकर्ता ने कहा, “यह एक बेहद खुशी का अनुभव है। मैं रात को ही अयोध्या आ गया था। मंदिर के दर्शन करने और पूरे परिसर में घूमने के बाद हमें इतनी खुशी हुई कि हमारा दिल गर्व से भर गया।”
राम मंदिर आंदोलन से जुड़े एक कार्यकर्ता का कहना है, “यह अनुभव सचमुच अत्यंत भावुक कर देने वाला है, क्योंकि मैं कारसेवा के समय से ही यहां आता रहा हूं और प्राण प्रतिष्ठा के दौरान भी उपस्थित था। मैं नियमित रूप से आता रहा हूं और आज मुझे फिर से यहां आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।”
राम मंदिर आंदोलन से जुड़े एक कार्यकर्ता का कहना है, “यह अनुभव अत्यंत भावुक और अवर्णनीय है। 500 वर्षों की प्रतीक्षा और प्रयासों के बाद आखिरकार वह दिन आ ही गया।”

