सीआर पाटिल 23 मार्च को ‘विश्व जल दिवस सम्मेलन 2026’ का उद्घाटन करेंगे

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नई दिल्ली, 21 मार्च (आईएएनएस)। जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल 23 मार्च को ‘विश्व जल दिवस सम्मेलन 2026’ का उद्घाटन करेंगे, जिसके साथ ही सतत जल प्रबंधन और उद्योगों में जल के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए नवाचार और सहयोग पर चर्चाओं की शुरुआत हो जाएगी।

‘जल के लिए उद्योग’ थीम पर आधारित, इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य उद्योग को जल-उपयोग दक्षता, रीसाइक्लिंग, पुन:उपयोग और नवाचार के एक प्रमुख चालक के रूप में स्थापित करना है।

इस कार्यक्रम का लक्ष्य नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के नेताओं, शिक्षाविदों, स्टार्टअप्स, एमएसएमई और युवा नवप्रवर्तकों को एक साथ लाना है, ताकि वे मिलकर ऐसे समाधान तैयार कर सकें जो बड़े पैमाने पर लागू किए जा सकें और तकनीक-आधारित हों।

यह कॉन्क्लेव एक ऐसे बड़े बदलाव को उजागर करेगा, जिसमें उद्योग अब केवल जल का उपयोग करने वाले नहीं, बल्कि जल के संरक्षक बन रहे हैं; वे अब अधिक स्मार्ट और टिकाऊ तरीकों को अपना रहे हैं।

इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से 700 से अधिक प्रतिनिधियों की भागीदारी देखने को मिलेगी।

इसका एक मुख्य आकर्षण ‘जल शक्ति हैकाथॉन’ के विजेताओं का सम्मान होगा, जिसके माध्यम से जल क्षेत्र में दिए गए अभिनव और प्रभावशाली समाधानों को मान्यता दी जाएगी।

राज्य सरकारें भी इसमें भाग लेंगी, विशेष रूप से जनगणना पर केंद्रित सत्र में। इस सत्र में प्रमुख राष्ट्रीय जल जनगणना रिपोर्टों के पूरा होने और उनके जारी होने के अवसर पर सम्मान समारोह भी आयोजित किया जाएगा, जो डेटा-आधारित जल शासन के महत्व को रेखांकित करेगा।

एक बयान के अनुसार, उद्घाटन सत्र में 7वीं लघु सिंचाई जनगणना; जल निकायों की दूसरी जनगणना, झरनों की पहली जनगणना, बड़ी और मध्यम सिंचाई परियोजनाओं की पहली जनगणना, राष्ट्रीय जल डेटा नीति, और तकनीकी और विषयगत प्रकाशनों को भी जारी किया जाएगा।

इस सत्र में अग्रणी राज्यों और उद्योग संघों को भी सम्मानित किया जाएगा। साथ ही, ‘औद्योगिक जल उपयोग दक्षता पर सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का संग्रह’ भी जारी किया जाएगा, जिसमें रीसाइक्लिंग, पुन:उपयोग और संरक्षण के क्षेत्र में अपनाए गए बेहतरीन तरीकों को प्रदर्शित किया जाएगा।

इस कॉन्क्लेव में चार विषयगत सत्र और कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।