बेंगलुरु, 31 मार्च (आईएएनएस)। कर्नाटक में केम्पेगौड़ा हवाई अड्डे की पुलिस ने विमान का आपातकालीन दरवाजा खोलने की कोशिश करने वाले यात्री द्वारा सोशल मीडिया पर बेंगलुरु पुलिस को अपशब्द करने के मामले में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने मंगलवार को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी की पहचान महाराष्ट्र निवासी उत्कर्ष गौतम के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, 22 मार्च को उत्कर्ष इंडिगो की फ्लाइट में यात्रा कर रहा था। इस दौरान आपातकालीन दरवाजा खोलने की कोशिश करने पर एयरलाइन कर्मचारियों ने उत्कर्ष को केम्पेगौड़ा हवाई अड्डे की पुलिस के हवाले कर दिया था। मानवीय आधार पर पुलिस ने पहले गैर-संज्ञेय रिपोर्ट (एनसीआर) दर्ज कर उसे छोड़ दिया था, क्योंकि यह घटना आकस्मिक और अनजाने में हुई थी।
रिहाई के बाद उत्कर्ष ने सोशल मीडिया पर बेंगलुरु पुलिस को अपशब्द कहते हुए अपमानजनक संदेश पोस्ट किए और मुंबई पुलिस से कार्रवाई की मांग की। पोस्ट में उत्कर्ष ने यह भी दावा किया कि उसे चार घंटे तक एक सेल में हिरासत में रखा गया था। ये पोस्ट वायरल हो गए, इसके बाद बेंगलुरु पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।
पुलिस के मुताबिक उत्कर्ष ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट डिलीट कर दिए और छिप गया है। अधिकारियों ने बताया कि हालांकि इस कृत्य से यात्रियों में दहशत फैल गई थी, लेकिन उन्होंने शुरू में इसे अनजाने में हुई घटना मानकर उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया था। पुलिस ने अब आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
इसी तरह 30 मार्च को बेंगलुरु से वाराणसी जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट में उस समय दहशत फैल गई थी, जब लैंडिंग से ठीक पहले एक यात्री ने आपातकालीन निकास द्वार खोलने की कोशिश की थी। इसके बाद केबिन क्रू ने तुरंत हस्तक्षेप किया और कॉकपिट से आपातकालीन प्रतिक्रिया बुलाई गई।
विमान के लैंडिंग पोजीशन में रहते हुए ही चालक दल के सदस्यों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और उसे काबू में कर लिया। पायलट ने सावधानी बरतते हुए विमान को वापस हवा में उठाया और कुछ ही देर बाद सुरक्षित लैंडिंग कर ली। इसके बाद प्रोटोकॉल के अनुसार आरोपी को एयरलाइन सुरक्षा और सीआईएसएफ कर्मियों के हवाले कर दिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने दावा किया कि उस पर भूत का साया था। इस बयान से अधिकारी चौंक गए और उन्होंने जांच जारी रखी।


