भागलपुर, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। संसद में महिला आरक्षण विधेयक लाए जाने की तैयारियों के बीच बिहार की कई महिला उद्यमियों और समाजसेवियों ने केंद्र सरकार के फैसले पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने विधेयक को आधी आबादी के लिए सशक्त बनाने वाला कदम बताया और कहा कि महिलाओं को अवसर दिए जाते हैं तो वे किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हटती हैं।
महिला आरक्षण बिल पर उद्यमी प्रिया सोनी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “महिलाओं को असल में आरक्षण की जरूरत नहीं है। हालांकि, अगर हमें अवसर दिए जाएं, तो हम किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हटते। आप निर्मला सीतारमण जैसी नेताओं को देख सकते हैं। पिछले वर्षों की तुलना में, देश मजबूत विकास दिखा रहा है। अगर अवसर प्रदान किए जाते हैं, तो यह एक सकारात्मक कदम है। इससे महिलाओं को और अधिक अवसर मिलेंगे।”
सामाजिक कार्यकर्ता रूपाली ने कहा, “हम पीएम मोदी सरकार के फैसलों से बहुत खुश हैं, क्योंकि महिलाओं को आरक्षण मिला है, जिससे हमें अपना प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलता है। अब हर पार्टी की महिलाएं हर क्षेत्र और हर स्तर पर हिस्सा ले सकती हैं और अपना प्रतिनिधित्व कर सकती हैं।”
लायंस क्लब की सचिव नीलम अग्रवाल ने कहा, “मेरा मानना है कि यह एक बहुत अच्छा फैसला है, क्योंकि इससे महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। भारत में कई काबिल महिलाएं हैं जो बेहतरीन काम कर सकती हैं, लेकिन उन्हें मौका नहीं मिलता। यह उन्हें वह अवसर प्रदान करेगा। अक्सर, महिलाएं अपने पति या बेटों के सहयोग से आगे बढ़ती हैं, लेकिन अगर वे अपने दम पर सफल हो पाती हैं, तो यह और भी बेहतर होगा।”
शोभा अग्रवाल ने कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने 33 प्रतिशत आरक्षण का फैसला लिया है, जो बहुत अच्छा है। अब तक महिलाओं को आगे बढ़ने का सही से अवसर नहीं मिल पाता था। आज जरूरत है कि महिलाएं अपने बलबूते खड़े होकर निर्णयों में शामिल हों।


