जयपुर, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर की ऐतिहासिक सुमेर लाइब्रेरी को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने में हो रही देरी को लेकर प्रदेश की भजनलाल सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया है कि शिक्षा और जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के प्रति सरकार की नीयत में खोट है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने अपने अभियान “इंतजार शास्त्र: अध्याय 15” के तहत वीडियो जारी करते हुए कहा कि हमारी कांग्रेस सरकार ने सपना देखा था जोधपुर की ऐतिहासिक सुमेर लाइब्रेरी को हाईटेक, ई-लाइब्रेरी और आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का। भवन तैयार है, पर भाजपा सरकार नीयत की कमी है।
उन्होंने कहा कि जोधपुर की ऐतिहासिक सुमेर लाइब्रेरी आज भाजपा सरकार की अदूरदर्शिता का शिकार है। 7.96 करोड़ की लागत से शानदार भवन बनकर तैयार है, लेकिन मात्र फर्नीचर और फिनिशिंग के बजट को रोककर युवाओं के भविष्य पर ताला लगा दिया गया है।
उन्होंने सवाल उठाया कि शिक्षा और ज्ञान से आखिर भाजपा को इतना परहेज क्यों है?”
1935 में स्थापित, सुमेर लाइब्रेरी मूल रूप से जोधपुर के उम्मेद उद्यान में स्थित पुराने सुमेर भवन में थी। 2022-23 के दौरान नई इमारत के निर्माण के लिए सात करोड़ रुपए से अधिक का बजट स्वीकृत किया गया था।
हालांकि बुनियादी ढांचा, डिजिटलीकरण और ई-लाइब्रेरी की सुविधाएं कथित तौर पर पूरी हो चुकी हैं, लेकिन आंतरिक व्यवस्थाएं लंबित होने के कारण लाइब्रेरी अभी तक आम जनता के लिए नहीं खुल पाई है।
पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने जोर देकर कहा कि इस तरह की देरी जनता को, विशेष रूप से छात्रों और युवा पाठकों को सीखने के महत्वपूर्ण संसाधनों तक पहुंच से वंचित करती है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह शेष कार्यों में तेजी लाए और इस सुविधा को जल्द से जल्द चालू करे।
उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है कि भाजपा सरकार नहीं चाहती कि जनता पढ़ने-लिखने के माध्यम से जागरूक हो।”
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार की कमियों को उजागर करने के लिए ‘इंतजार शास्त्र’ नामक एक सोशल मीडिया शृंखला शुरू की है।


