एमसीए वानखेड़े स्टेडियम में ‘रवि शास्त्री स्टैंड’ का करेगा उद्घाटन, सरदेसाई, सोलकर और एडुलजी के नाम पर होंगे गेट समर्पित

0
5

मुंबई, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (एमसीए) गुरुवार को ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में भारतीय क्रिकेट के चार दिग्गजों को सम्मानित करते हुए ‘रवि शास्त्री स्टैंड’ का उद्घाटन करेगा और स्टेडियम के तीन गेट पूर्व क्रिकेटरों के नाम समर्पित करेगा।

इस समारोह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं एमसीए के अध्यक्ष अजिंक्य नाईक, एपेक्स काउंसिल के सदस्य, पदाधिकारी और क्रिकेट जगत की कई हस्तियां भी मौजूद रहेंगी। इन क्रिकेटरों को सम्मानित करने का निर्णय एमसीए की एपेक्स काउंसिल ने फरवरी में हुई बैठक में लिया था।

इस पहल के तहत स्टेडियम के प्रेस बॉक्स के नीचे स्थित लेवल-1 स्टैंड का नाम पूर्व भारतीय कप्तान और प्रसिद्ध कमेंटेटर रवि शास्त्री के नाम पर रखा जाएगा। यह सम्मान उन्हें मुंबई और भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ी, कप्तान और कोच के रूप में दिए गए उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जा रहा है।

इसके अलावा स्टेडियम के गेट नंबर 3, 5 और 6 को क्रमशः दिलीप सरदेसाई, डायना एडुलजी और एकनाथ सोलकर के नाम से समर्पित किया जाएगा। ये तीनों खिलाड़ी मुंबई क्रिकेट के स्तंभ रहे हैं और भारतीय क्रिकेट में उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है।

एमसीए अध्यक्ष अजिंक्य नाईक ने कहा कि यह समारोह मुंबई क्रिकेट के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि 9 अप्रैल को आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम इन महान खिलाड़ियों की विरासत को सम्मानित करने और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने का एक प्रयास है।

यह पहल एमसीए की उस प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है, जिसके तहत वह अपने समृद्ध क्रिकेट इतिहास को सहेजते हुए भविष्य की नींव मजबूत करने पर जोर दे रहा है।

गौरतलब है कि मई 2025 में एमसीए ने पूर्व भारतीय कप्तान और टी20 विश्व कप विजेता रोहित शर्मा के नाम पर भी एक स्टैंड का उद्घाटन किया था। इसके अलावा वानखेड़े स्टेडियम में सुनील गावस्कर, दिलीप वेंगसरकर और सचिन तेंदुलकर के नाम पर स्टैंड पहले से मौजूद हैं, जबकि गेट्स का नामकरण पॉली उमरीगर और वीनू मांकड़ जैसे दिग्गजों के नाम पर किया गया है।

इस आयोजन के जरिए एमसीए एक बार फिर यह संदेश देना चाहता है कि क्रिकेट के महान खिलाड़ियों की उपलब्धियों और योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा और उन्हें आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनाया जाएगा।