Sunday, June 7, 2026
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ग्रेस डांगमेई ने इंटरनेशनल फुटबॉल से लिया संन्यास, भारत के सैफ चैंपियनशिप 2026 जीतने के बाद की घोषणा

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मडगांव, 7 जून (आईएएनएस)। अनुभवी फॉरवर्ड खिलाड़ी ग्रेस डांगमेई ने शनिवार को इंटरनेशनल फुटबॉल से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया। इसके साथ ही भारतीय महिला फुटबॉल टीम के साथ उनके 13 साल के शानदार करियर का अंत हो गया।

डांगमेई ने यह घोषणा पंडित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में भारत के सैफ महिला चैंपियनशिप 2026 जीतने के बाद की। भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल मुकाबले में बांग्लादेश को 3-1 से मात देते हुए खिताब पर कब्जा जमाया। आखिरी सीटी बजने के साथ ही भावुक ग्रेस ने अपनी टीम की साथियों को गले लगाया, जबकि भारतीय कैंप में जश्न मनाया गया। इस जीत ने भारतीय महिला फुटबॉल की सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में से एक को शानदार विदाई दी।

2013 में सीनियर टीम की ओर से डेब्यू करने के बाद से 30 साल की इस खिलाड़ी ने 95 इंटरनेशनल मुकाबलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया और 24 गोल किए। अपने इंटरनेशनल करियर के दौरान, उन्होंने तीन सैफ महिला चैंपियनशिप खिताब और दो साउथ एशियन गेम्स गोल्ड मेडल जीते, जिससे वह नेशनल सेटअप में सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में से एक बन गईं।

ग्रेस भारत के लिए कई जरूरी कैंपेन का हिस्सा रहीं, जिसमें 2014 से 2022 तक एशियन गेम्स, एएफसी विमेंस एशियन कप और ओलंपिक क्वालिफायर शामिल हैं। उन्होंने 2016 साउथ एशियन गेम्स जैसे टूर्नामेंट में अपने प्रदर्शन से पहचान बनाई, जहां उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ दो गोल किए। वहीं, 2016 सैफ विमेंस चैंपियनशिप फाइनल में ग्रेस ने गोल करके भारत को लगातार चौथा खिताब दिलाया था।

गोकुलम केरल की ओर से खेलते हुए भी ग्रेस को काफी सफलता मिली। उपकप्तान की भूमिका निभाते हुए उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और एएफसी विमेंस क्लब चैंपियनशिप में क्लब की ऐतिहासिक भागीदारी में अहम भूमिका निभाई। 2022 में वह उज्बेक क्लब एफसी नसाफ कार्शी में शामिल होने पर विदेश में प्रोफेशनल कॉन्ट्रैक्ट साइन करने वाली कुछ भारतीय महिला फुटबॉलरों में से एक बनीं।

ग्रेस का आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला यादगार रहा, जहां भारत ने सैफ विमेंस चैंपियनशिप फाइनल में डिफेंडिंग चैंपियन बांग्लादेश को 3-1 से हराया। प्यारी जाक्सा, सैनफिदा नोंग्रुम और लिंडा कोम सेर्टो के गोलों ने भारत को रिकॉर्ड छठी बार खिताब दिलाया। भारत ने टूर्नामेंट को बिना हारे खत्म किया और सभी चार मैच जीते। भारत ने टूर्नाामेंट में कुल 18 गोल किए और सिर्फ एक गोल खाया।