प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं को मिल रहे नए अवसर: सरिता अग्रवाल

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हैदराबाद, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। भाजपा नेता सरिता अग्रवाल ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में जो नीतियां बन रही हैं, वे महिलाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रही हैं और यह हर भारतीय महिला के लिए गर्व की बात है।

सरिता अग्रवाल ने कहा, “हम सब प्रधानमंत्री के साथ खड़े हैं, क्योंकि महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए उन्होंने जो कदम उठाया है। वह इस देश की सभी महिलाओं के लिए गर्व और खुशी की बात है। हम सब यह देखने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि महिला सशक्तीकरण बिल संसद में कब पास होगा और कब महिलाएं प्रधानमंत्री मोदी के साथ कदम-कदम मिलाकर देश को और आगे ले जाएंगी। पुराणों में देवी दुर्गा को दस हाथों वाली दिखाया गया है। इसी तरह, पूरी दुनिया देखेगी कि हमारे देश की महिलाएं उन दस हाथों से कैसे सब कुछ संभालेंगी। एक तरफ वह बेलन चलाएंगी, घर संभालेंगी और बच्चों की परवरिश करेंगी। दूसरी तरफ वह संसद भी संभालेंगी।”

उन्होंने ये भी कहा कि बात सिर्फ बिल आने की नहीं है। महिलाओं को प्रोत्साहित और शिक्षित भी किया जाना चाहिए। सिर्फ दरवाजे खोल देना ही काफी नहीं है। उन्हें आगे बढ़ने के लिए जरूरी हर चीज मुहैया करानी होगी।

सरिता अग्रवाल ने पश्चिम बंगाल की राजनीति पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, “जैसे ही ‘दीदी’ शब्द सुनते ही सिर्फ मुझे ही नहीं, बल्कि मेरे पूरे इलाके के लोगों को कंपकंपी छूटने लगती है। वे सोचने लगते हैं कि क्या कोई ‘दीदी’ सचमुच ऐसी भी हो सकती है? वहीं, जो लोग खुद को गरीबों का मसीहा या दूत कहते हैं उनका काम तो बस ‘एक की टोपी दूसरे के सिर’ करने जैसा है, लेकिन आज का मतदाता जागरूक हो चुका है। वोटर जानते हैं कि देश सिर्फ भाजपा के हाथों में ही सुरक्षित है।”

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा को जबरदस्त जीत मिलेगी। इसकी सबसे बड़ी वजह है मतदाताओं की जागरूकता। जैसे किसी दीवार के लिए हर एक ईंट जरूरी होती है वैसे ही पश्चिम बंगाल के इस यज्ञ में हर एक मतदाता के वोट की आहुति महत्वपूर्ण है।

सरिता अग्रवाल ने कहा, “पश्चिम बंगाल का नाम लाल अक्षरों में क्यों लिखा जाए? इसे तो सुनहरे अक्षरों में लिखा जाना चाहिए। यह चुनाव इस दिशा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। मतदाता यह सुनिश्चित करेंगे कि भाजपा ही जीते, क्योंकि अब उन्हें इस बात का एहसास हो गया है कि ‘दीदी’ की स्वार्थी राजनीति ने उन्हें किस गहरे गड्ढे में धकेल दिया है।”