ट्रैकिंग के दौरान केरल की लापता किशोरी कर्नाटक के चिकमंगलूर में मृत पाई गई

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चिकमंगलूर (कर्नाटक), 10 अप्रैल (आईएएनएस)। कर्नाटक के चिकमंगलूर जिले की पहाड़ी श्रृंखलाओं में अपने माता-पिता के साथ ट्रेकिंग के दौरान लापता केरल की किशोरी शुक्रवार को एक पहाड़ी खाई में मृत पाई गई।

तीन दिनों से तलाशी अभियान चला रहे अधिकारियों ने उसका शव उस स्थान से लगभग 2,000 फुट नीचे पाया, जहां से वह लापता हुई थी।

पुलिस के अनुसार, केरल के पलक्कड़ की रहने वाली श्रीनंदा चंद्रद्रोण पर्वत श्रृंखला से लापता हो गई थी। वह 7 अप्रैल को शाम 6 बजे उस समय लापता हुई, जब वह 40 सदस्यों वाले एक समूह का हिस्सा थी। उसे आखिरी बार पर्वत के माणिक्यधारा क्षेत्र में देखा गया था। उसके माता-पिता ने उसे ढूंढने के लिए काफी प्रयास किए लेकिन वे उसका पता लगाने में सफल नहीं हो सके।

एंटी-नक्सल फोर्स (एएनएफ), स्टेट डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ), पुलिस टीमें, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज के कर्मचारी और वन विभाग के अधिकारियों ने मिलकर उस इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया। अधिकारियों ने पहाड़ के ऊबड़-खाबड़ इलाके और खतरनाक ढलानों को देखते हुए ड्रोन व थर्मल कैमरों का इस्तेमाल किया।

अधिकारी सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या वह पहाड़ की ऊंचाई से फिसल गई थी या इस घटना के पीछे कोई और कारण है।

चिकमंगलूर में केरल की एक नाबालिग लड़की के संदिग्ध रूप से लापता होने के मामले पर टिप्पणी करते हुए गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने दिन में लड़की का शव मिलने से पहले कहा था कि उन्होंने इस मामले की शुरुआती जानकारी ले ली है। उन्होंने कहा कि एक अनुमान यह है कि लड़की का अपहरण किया गया हो सकता है जबकि दूसरा यह है कि वह शायद किसी के साथ चली गई हो। उन्होंने बताया कि इस तरह की अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। हालांकि सच्चाई का पता तभी चलेगा जब पूरा मामला स्पष्ट होगा।

शुरुआती जानकारी के अनुसार पीड़िता अपने परिवार के साथ कर्नाटक घूमने आई थी। उन्होंने उत्तरी कर्नाटक में स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हम्पी का दौरा किया और 7 अप्रैल को दोपहर 3 बजे चिकमंगलूर शहर पहुंचे थे। इसके बाद वे निजी जीपों से इनाम दत्तात्रेय बाबाबुडांगिरी तीर्थस्थल और माणिक्यधारा पहाड़ी क्षेत्र की ओर गए। माणिक्यधारा क्षेत्र में एक झरने के पास यह नाबालिग लड़की लापता हो गई।

हालांकि, अधिकारियों ने तुरंत तलाशी अभियान शुरू कर दिया था और थर्मल कैमरों व ड्रोन जैसे आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया था। हालांकि, शुरुआत में कोई सुराग नहीं मिला, जिससे संदेह पैदा हो गया। अधिकारी पूरी पर्वत श्रृंखला में सघन तलाशी अभियान (कॉम्बिंग ऑपरेशन) शुरू करने की तैयारी कर रहे थे। इस घटना के बाद केरल से पुलिस की एक टीम भी वहां पहुंची।

पुलिस ने पीड़िता के माता-पिता के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं और मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। माता-पिता को छोड़कर केरल से आए बाकी सभी पर्यटक अपने घर लौट चुके हैं। चिकमंगलूर से एक टीम भी केरल भेजी गई है। आगे की जांच जारी है। फिलहाल अतिरिक्त विवरण अभी सामने आने बाकी हैं।

केरल की रहने वाली एक अन्य ट्रेकर शरण्या जो कई दिनों तक मडिकेरी के जंगल में लापता थी, उसे पिछले हफ्ते कर्नाटक के अधिकारियों ने बचा लिया था। वह मडिकेरी जिले के ताडियंडामोल जंगल से लापता हो गई थी।