मध्य प्रदेश : महिला आरक्षण अधिनियम के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा मनाया गया

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भोपाल, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए 10 अप्रैल से 25 अप्रैल तक पूरे राज्य में ‘नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा’ मनाएगी। इस अधिनियम को ‘महिला आरक्षण अधिनियम’ भी कहा जाता है।

इसके साथ ही, यह कार्यक्रम विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के नेतृत्व और उनके योगदान का भी सम्मान करेगा। राज्य सरकार ने निर्देश दिया है कि इस आयोजन को एक भव्य सार्वजनिक उत्सव के रूप में मनाया जाए।

यह अभियान सभी मंडल मुख्यालयों पर सम्मेलनों के साथ शुरू होगा। इन कार्यक्रमों में महिला जन प्रतिनिधियों और सफल महिला उद्यमियों को सम्मानित किया जाएगा और वे अपने अनुभव साझा करेंगी।

महिला एवं बाल विकास विभाग प्रत्येक लोकसभा और विधानसभा क्षेत्र में ‘नारी शक्ति पदयात्राओं’ (महिला सशक्तीकरण मार्च) का आयोजन करेगा, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों की महिलाएं भाग लेंगी।

युवाओं को शामिल करने के लिए ‘नारी शक्ति वंदन दीवार’ बनाई जाएगी, जहां युवा पेंटिंग और संदेशों के माध्यम से अपने विचार व्यक्त कर सकेंगे।

14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित की जाएंगी। इन सभाओं में महिला आरक्षण अधिनियम पर चर्चा की जाएगी और बाबासाहेब अंबेडकर को श्रद्धांजलि दी जाएगी।

पंचायतों, शहरी स्थानीय निकायों और शिक्षण संस्थानों में भी सेमिनार और कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।

स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं और ‘लखपति दीदी’ तथा ‘लाडली बहना’ जैसी योजनाओं की लाभार्थी महिलाएं इसमें सक्रिय भूमिका निभाएंगी।

युवा पीढ़ी को महिला सशक्तीकरण के महत्व को समझाने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में व्याख्यान और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि जनप्रतिनिधियों से सभी कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए कहा गया है।

मध्य प्रदेश ने महिलाओं की आर्थिक भागीदारी के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 24.34 लाख सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) में से लगभग 4,11,000 इकाइयां, यानी 17 प्रतिशत, महिलाओं द्वारा संचालित हैं।

अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की महिलाओं के लिए सब्सिडी 50 प्रतिशत तक है, जबकि सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए यह 40 प्रतिशत है।

स्टार्ट-अप नीति और कार्यान्वयन योजना 2025 महिलाओं के नेतृत्व वाले स्टार्ट-अप को 18 प्रतिशत की वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिसमें प्रति किस्त 18 लाख रुपये तक की मदद और कुल 72 लाख रुपये की सीमा निर्धारित है।

ये पहलें महिला सशक्तीकरण की दिशा में मध्य प्रदेश सरकार के केंद्रित प्रयासों और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की परिकल्पना में उसके योगदान को दर्शाती हैं।

‘नारी शक्ति वंदन पखवाड़े’ से जन जागरूकता को और अधिक मजबूती मिलने तथा पूरे राज्य में नेतृत्व की भूमिकाओं में महिलाओं की भागीदारी को और अधिक बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।