जयपुर, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। राजस्थान सरकार के ‘नशामुक्त राजस्थान’ अभियान और नशीले पदार्थों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत एक बड़ी सफलता उस वक्त मिली, जब पाली पुलिस ने शनिवार को तीन संदिग्ध तस्करों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने 74.13 ग्राम अवैध सिंथेटिक ड्रग एमडी भी जब्त की।
यह कार्रवाई जयपुर में एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) की ओर से सटीक तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराए जाने के बाद की गई। पाली की पुलिस अधीक्षक मोनिका सेन ने बताया कि शनिवार तड़के एजीटीएफ एएसआई राकेश जाखड़ की ओर से साझा की गई जानकारी के आधार पर, सिरियारी और मारवाड़ जंक्शन पुलिस स्टेशनों की एक संयुक्त टीम ने बिथोड़ा कलां गांव में एक सुनियोजित छापा मारा।
सिरियारी के एसएचओ के नेतृत्व में टीम ने मुख्य संदिग्ध के रूप में पहचाने गए शेर खान के घर को घेर लिया। कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार घर की तलाशी ली गई। छापेमारी के दौरान पुलिस ने घर की छत पर बने एक कमरे से तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान सोफे के नीचे छिपाकर रखी गई 74.13 ग्राम एमडी (नशीला पदार्थ) बरामद की गई।
टीम ने नशीले पदार्थ को बनाने और पैक करने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी जब्त किए, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक तराजू, खाली पाउच और मोबाइल फोन शामिल हैं। पुलिस ने शेर खान, राहुल मीणा और अजय उर्फ रवि को गिरफ्तार किया है।
अभियान के दौरान पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ‘ई-साक्ष्य’ डिजिटल साक्ष्य ऐप का उपयोग करके वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी की गई। प्रारंभिक पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने यह नशीला पदार्थ दो सप्लायरों लक्ष्मण वाडी और मोतीसिंह राजपूत से खरीदा था। ये दोनों भी बिथोड़ा कलां के ही रहने वाले हैं। आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेस (एनडीपीएस) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशों के अनुसार, इस मामले की जांच सोजत सिटी के एसएचओ देवेंद्र सिंह को सौंपी गई है। वे इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए इसकी सप्लाई चेन के ‘बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज’ (आपूर्ति के स्रोत और आगे के वितरण) की गहन जांच करेंगे।

