Saturday, June 20, 2026
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अमरावती वीडियो मामले में भाजपा ने ‘साजिश’ का एंगल उठाया, एसआईटी गठन की मांग

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मुंबई, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने बुधवार को टीसीएस नासिक में कथित धार्मिक धर्मांतरण और अमरावती में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के हालिया मामलों को देश में एक ‘साजिश’ और ‘रैकेट’ बताया। नेताओं ने आरोपियों के लिए कड़ी सजा की भी मांग की।

ये प्रतिक्रियाएं महाराष्ट्र के अमरावती जिले में मोहम्मद अयाज नाम के एक व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद आई हैं। उस पर कम से कम 180 नाबालिग लड़कियों के कथित यौन शोषण और 350 से ज्यादा अश्लील वीडियो रिकॉर्ड करने का आरोप है। पत्रकारों से बात करते हुए महाराष्ट्र की मंत्री पंकजा मुंडे ने कहा कि गृह मंत्रालय इस मामले को देखेगा।

भाजपा नेता किरीट सोमैया ने आईएएनएस से ​​कहा कि मुस्लिम कट्टरपंथ, मुस्लिम आतंकवाद, मुस्लिम माफिया और बांग्लादेशियों ने मिलकर एक साजिश शुरू की है। पहले नासिक (टीसीएस) मामला सामने आया और अब अमरावती में 16-17 साल के बच्चों को निशाना बनाया गया है।

आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि नागपुर, परतवाड़ा, अमरावती वगैरह की लड़कियों को फंसाया गया है। मैंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से गुजारिश की है कि तुरंत एक एसआईटी (विशेष जांच दल) बनाया जाए। भाजपा विधायक देवयानी फरांदे ने ऐसी घटनाओं को एक “रैकेट” बताया।

उन्होंने कहा कि आईटी कंपनियों में महिलाओं के साथ ज्यादा की खबरें आ रही हैं, जिनमें उन्हें जबरदस्ती धर्म बदलने के लिए मजबूर करना भी शामिल है। अमरावती में भी, कथित तौर पर एक मुस्लिम आदमी ने करीब 180 लड़कियों को फंसाया और उनके साथ यौन उत्पीड़न किया। ऐसा लगता है कि देश में एक रैकेट चलाया जा रहा है। महाराष्ट्र सरकार इस पर काम कर रही है। ऐसे लोगों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

उन्हें मिली एक शिकायत के बारे में बताते हुए महाराष्ट्र अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने आईएएनएस को बताया कि मुझे अचलपुर से कुछ मुस्लिम लोगों की तरफ से एक गोपनीय शिकायत मिली थी। इलाके के एसपी (पुलिस अधीक्षक) से बात करने के बाद पता चला कि इसमें आठ मुस्लिम महिलाएं शामिल हैं; इनमें से छह की तस्वीरें और दो के वीडियो बरामद किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि इस मामले पर कार्रवाई की जा रही है। कुछ तस्वीरें और वीडियो डिलीट कर दिए गए हैं। चूंकि यह एक संवेदनशील इलाका है, इसलिए यहां अशांति फैलने की आशंका है।

उन्होंने आगे कहा कि अल्पसंख्यक आयोग ने पुलिस को निर्देश दिया है कि वहां फैलाई जा रही अफवाहों पर कोई भी ध्यान न दे। महाराष्ट्र में ऐसी चीजों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।