नारी शक्ति वंदन अधिनियम को एनडीए सांसदों ने बताया ऐतिहासिक, कहा-महिलाओं की बढ़ेगी भागीदारी

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नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को एनडीए सांसदों ने ऐतिहासिक बिल बताया है। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और देश सशक्त हो सकेगा।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर कहा, “महिलाओं के लिए ऐतिहासिक बिल है। मुझे लगता है कि ये देश के इतिहास में क्रांतिकारी बिल है। महिलाओं को लोकतंत्र में बराबरी का मौका मिलेगा।”

केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा, “आज का दिन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है, हम महिला आरक्षण की मांग बहुत लंबे समय से कर रहे थे। हमारी ये मांग पूरी हो रही है। पीएम मोदी के नेतृत्व में महिला शक्ति को आरक्षण देने का काम किया जा रहा है। इसके बाद स्थिति बहुत अच्छी हो जाएगी। विपक्ष को इससे (परिसीमन) कोई समस्या नहीं है। कांग्रेस के लिए केवल एक ही परिवार की महिलाएं अहमियत रखती हैं बाकी देश की महिलाएं मायने नहीं रखती हैं।”

केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह ने कहा, “प्रधानमंत्री चाहते हैं कि 2029 के चुनाव में इसे लागू किया जाए। महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में ये बहुत बड़ा कदम है। इस देश में महिलाओं की 50 प्रतिशत की आबादी है और यदि उस 50 प्रतिशत की आबादी को न्याय देने का प्रयास किया जा रहा है तो उसका विरोध नहीं होना चाहिए। हम विपक्ष से आग्रह करेंगे कि विपक्ष सर्वसम्मति से इस बिल को पास करे।”

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, “महिला आरक्षण बिल पास होना चाहिए, ये ऐतिहासिक बिल है। मैं सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करूंगा कि उत्तर-दक्षिण, ऊंच-नीच, अगड़े-पिछड़े की टेंशन खत्म करिए। भारत भारतीयों का है। हम महिलाओं को आरक्षण देना चाहते हैं। प्रधानमंत्री ने पूरी ताकत लगा रखी है आप उनके हाथ को मजबूत करिए और महिलाओं को आरक्षण दीजिए।”

भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा, “वर्ष 1971 की जनगणना के आधार पर 1976 में परिसीमन हुआ था। 2026 में परिसीमन होना ही है, ये भाजपा ने तय नहीं किया बल्कि यह लिखा हुआ है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में पास हुआ था, जिसे 2029 में लागू करना था। सरकार ये दो बिल लेकर आ रही है और सभी को इसका समर्थन करना चाहिए।”

भाजपा सांसद धर्मशीला गुप्ता ने कहा, “नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2026, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, ये केवल एक विधेयक नहीं है बल्कि ये सामाजिक न्याय और महिला सशक्तिकरण के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय है। पीएम मोदी का स्वागत है, देश की महिलाओं की ओर से उनका अभिनंदन है। 2010 में इसी सदन में जब कांग्रेस की सरकार थी, तो उन्होंने महिला आरक्षण बिल को ठंडे बस्ते में रख दिया था। कांग्रेस ने नारी को हमेशा उपेक्षित किया। पीएम मोदी ने नारी का सम्मान किया है, उन्हें पंख दिए ताकि वे आसमान छुएं।”