यूपीए 1 और 2 के शासनकाल में कांग्रेस ने बनाया था घोटालों का विश्व रिकॉर्ड, खड़गे शायद भूल गएः टीआर श्रीनिवास

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हैदराबाद, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। हाल ही में एआईएमआईएम प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने गुजरात के लिंबायत में एक जनसभा में मौलाना आजाद को लेकर एक बयान दिया था। ओवैसी के इस बयान को लेकर भाजपा नेता टीआर श्रीनिवास ने पलटवार किया है।

टीआर श्रीनिवास ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “असदुद्दीन ओवैसी ने ऐसे बयान दिए हैं, जो उनकी राजनीतिक बयानबाजी के हिस्से के तौर पर उनके समुदाय के वोटिंग पैटर्न को प्रभावित करने के मकसद से दिए गए लगते हैं। हालांकि, मैं उनके बयानों की सच्चाई की जांच करना चाहूंगा। उन्होंने आजादी की लड़ाई और बंटवारे के संदर्भ में मौलाना आजाद का जिक्र किया। उनके बयान में कुछ हद तक सच्चाई हो सकती है, लेकिन इसके व्यापक ऐतिहासिक संदर्भ को स्पष्ट करना जरूरी है। इस पूरी प्रक्रिया के लिए ब्रिटिश, कांग्रेस और मुस्लिम लीग, ये तीनों ही जिम्मेदार थे।”

टीआर श्रीनिवास आगे कहा, “विभाजन के जख्मों का दर्द हम आज भी महसूस कर रहे हैं। ओवैसी को इस बारे में स्पष्टीकरण देना चाहिए था और उनमें इतनी हिम्मत होनी चाहिए थी कि वे विभाजन के दौरान कांग्रेस द्वारा की गई भारी गलतियों के लिए उन्हें सीधे तौर पर दोषी ठहराते। यह विभाजन न केवल जल्दबाज़ी में और अधूरेपन के साथ किया गया था, बल्कि इसके चलते आज भी सीमा के दोनों ओर कई परिवार अपने प्रियजनों से बिछड़कर अकेले रह गए हैं। आज भी लोग अपने उन प्रियजनों से मिलने के लिए तरस रहे हैं। ओवैसी विभाजन के मुद्दे पर मनगढ़ंत बातें नहीं बना सकते, क्योंकि अगर आप इस मामले की गहराई में जाएंगे, तो निश्चित रूप से खून के वे पुराने दाग और ज़ख्म फिर से उभरकर सामने आ जाएंगे और यह एक बहुत बड़ा मुद्दा बन जाएगा।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पोस्ट में लिखा था, “पिछले 12 सालों में दिखाने के लिए कुछ भी सार्थक न होने के कारण, हताश और निराश पीएम नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने आधिकारिक संबोधन को एक राजनीतिक भाषण में बदल दिया, जो कीचड़ उछालने और सरासर झूठ से भरा हुआ था।”

मल्लिकार्जुन खड़गे के इस बयान पर भाजपा नेता टीआर श्रीनिवास ने कहा, “दुर्भाग्य से आप (खड़गे) पिछले 12 सालों में हुई प्रगति को भूल जाते हैं। यह भी भूल जाते हैं कि 2014 में घोटालों और घोटालों की एक लंबी फेहरिस्त के बाद आपने भारत को किस हाल में छोड़ा था। यूपीए 1 और 2 के दौरान आपने घोटालों का जो विश्व रिकॉर्ड बनाया था। काश आपने इस बात पर थोड़ा ‘होमवर्क’ किया होता कि कांग्रेस ने अपने 56 साल के शासनकाल के दौरान क्या-क्या गलतियां की हैं। इस तरह की बातें करने के बजाय, आप लोकतंत्र के प्रति अपनी अयोग्यता को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। आप महिलाओं के लिए आरक्षण विधेयक को पारित नहीं होने दे रहे हैं, ताकि महिलाएं केवल हाशिए पर रहकर शासन-प्रशासन में सक्रिय रूप से शामिल न हो सकें। लेकिन आपको यह असुरक्षा सता रही है कि ऐसा होने पर परिवार-आधारित सामंती राजनीतिक दल पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। यही आपका सबसे बड़ा डर है। मुझे उम्मीद है कि आप इससे बेहतर काम कर सकते हैं।”