बेरूत, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने इजरायल के साथ संभावित वार्ता के लिए एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल गठित किया है, जिसकी अगुवाई अमेरिका में पूर्व राजदूत साइमन करम करेंगे।
राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि वार्ता का उद्देश्य “शत्रुता को समाप्त करना, कब्जे का अंत करना और सेना को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सीमाओं तक तैनात करना” है।
उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर कराने और वार्ता शुरू कराने में हस्तक्षेप किया है।
बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि ये बातचीत किसी अन्य वार्ता प्रक्रिया से अलग होगी। राष्ट्रपति आउन ने कहा, “हमारे पास दो ही विकल्प हैं—या तो युद्ध जारी रखें या स्थिरता स्थापित करने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाएं।”
इस बीच, राष्ट्रपति ने लेबनान में अमेरिकी राजदूत मिशल इसा से मुलाकात कर संघर्षविराम बनाए रखने के उपायों पर चर्चा की।
आउन ने ये भी कहा कि इजरायल के साथ चल रही वार्ता को ईरान संघर्ष से अलग रखा जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के सामने दो ही विकल्प हैं या तो जंग जारी रहे या संवाद के जरिए इसे खत्म कर स्थायी समाधान हासिल किया जाए।
बता दें कि पिछले हफ्ते वॉशिंगटन में लेबनान और इजरायल के राजदूतों की मुलाकात हुई, जो 40 साल से ज्यादा समय में पहली द्विपक्षीय बैठक है। इससे वार्ता प्रक्रिया को नई दिशा मिली है।
राष्ट्रपति के मुताबिक, इस हफ्ते वार्ता आगे बढ़ सकती है, हालांकि तारीख को लेकर कुछ भी स्पष्ट नहीं हुआ है। लेबनानी मीडिया के अनुसार, पहले चरण में राजदूत स्तर पर बातचीत होगी और दूसरे चरण में साइमन कराम के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल इसे आगे बढ़ाएगा।
इजरायल और लेबनान के बीच पिछले गुरुवार से 10 दिनों का संघर्षविराम लागू है, जिसे क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

